औरंगाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन:2118 मामलों का हुआ निपटारा, 5.50 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

औरंगाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन:2118 मामलों का हुआ निपटारा, 5.50 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की देखरेख में आज व्यवहार न्यायालय और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इ स अवसर पर बड़ी संख्या में वादकारी, न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बैंक और बीमा संस्थानों के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2118 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें लगभग 5 करोड़ 50 लाख 3 हजार 777 रुपये का समझौता कराया गया। इनमें पारिवारिक मामलों के 37, आपराधिक सुलहनीय मामलों के 230, दीवानी का 1 मामला, चेक बाउंस के 5 मामलों में 15 लाख 55 हजार रुपये का समझौता, अनुमंडल पदाधिकारी न्यायालय से संबंधित 560 मामले, टेलीफोन से जुड़े 6 मामले, यातायात चालान के 8 मामले और बैंक ऋण से संबंधित 636 मामलों का निस्तारण किया गया। इन सभी मामलों में कुल 5 करोड़ 34 लाख 48 हजार 777 रुपये की राशि के माध्यम से पक्षकारों को राहत दी गई। 82100 रुपए चालान शुल्क जमा राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक मामलों के निस्तारण में जिले ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। साथ ही यातायात चालान से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए भी विशेष पहल की गई। बता दें कि 13 दिसंबर 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात चालान से संबंधित एक भी मामला निस्तारित नहीं हो पाया था। इसे देखते हुए प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया था कि इस बार यातायात चालान मामलों के लिए अलग से बेंच गठित की जाए। इस लोक अदालत में 14 यातायात चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 8 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 82,100 रुपये चालान शुल्क के रूप में हासिल किए गए। कुछ मामलों में पक्षकारों ने जुर्माने की राशि पर आपत्ति जताई, जिसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। न्यायालय पर कम होता है मुकदमे का बोझ राष्ट्रीय लोक अदालत के मुख्य उद्घाटन समारोह का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाता है, जिससे वादकारियों को न्याय मिलता है। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निस्तारण होने से न केवल वादकारियों को राहत मिलती है, बल्कि न्यायालय, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर भी मुकदमों का बोझ कम होता है। सुलहनीय मामलों के निष्पादन का बेहतर माध्यम है लोक अदालत अपने संबोधन में वकील संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सौहार्द और समझौते की भावना को मजबूत करने का मंच है। उन्होंने वादकारियों से अपील की कि छोटे-छोटे विवादों के निस्तारण के लिए इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जिला विधि संघ के फिर से निर्वाचित अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन सभी के सहयोग से ही संभव हो पाता है। उन्होंने अधिवक्ता साथियों से अपील की कि वे लोक अदालत की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक मामलों का समाधान हो सके। निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी किया गया आयोजन राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान चिकित्सा जांच शिविर और विशेष नेत्र जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों की शुगर, बीपी और हीमोग्लोबिन की जांच की गई और आवश्यकतानुसार दवाइयों का वितरण भी किया गया। इसके साथ ही पहली बार राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल द्वारा लोगों की आंखों की जांच की गई। औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की देखरेख में आज व्यवहार न्यायालय और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इ स अवसर पर बड़ी संख्या में वादकारी, न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बैंक और बीमा संस्थानों के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2118 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें लगभग 5 करोड़ 50 लाख 3 हजार 777 रुपये का समझौता कराया गया। इनमें पारिवारिक मामलों के 37, आपराधिक सुलहनीय मामलों के 230, दीवानी का 1 मामला, चेक बाउंस के 5 मामलों में 15 लाख 55 हजार रुपये का समझौता, अनुमंडल पदाधिकारी न्यायालय से संबंधित 560 मामले, टेलीफोन से जुड़े 6 मामले, यातायात चालान के 8 मामले और बैंक ऋण से संबंधित 636 मामलों का निस्तारण किया गया। इन सभी मामलों में कुल 5 करोड़ 34 लाख 48 हजार 777 रुपये की राशि के माध्यम से पक्षकारों को राहत दी गई। 82100 रुपए चालान शुल्क जमा राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक मामलों के निस्तारण में जिले ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। साथ ही यातायात चालान से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए भी विशेष पहल की गई। बता दें कि 13 दिसंबर 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात चालान से संबंधित एक भी मामला निस्तारित नहीं हो पाया था। इसे देखते हुए प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया था कि इस बार यातायात चालान मामलों के लिए अलग से बेंच गठित की जाए। इस लोक अदालत में 14 यातायात चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 8 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 82,100 रुपये चालान शुल्क के रूप में हासिल किए गए। कुछ मामलों में पक्षकारों ने जुर्माने की राशि पर आपत्ति जताई, जिसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। न्यायालय पर कम होता है मुकदमे का बोझ राष्ट्रीय लोक अदालत के मुख्य उद्घाटन समारोह का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाता है, जिससे वादकारियों को न्याय मिलता है। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निस्तारण होने से न केवल वादकारियों को राहत मिलती है, बल्कि न्यायालय, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर भी मुकदमों का बोझ कम होता है। सुलहनीय मामलों के निष्पादन का बेहतर माध्यम है लोक अदालत अपने संबोधन में वकील संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सौहार्द और समझौते की भावना को मजबूत करने का मंच है। उन्होंने वादकारियों से अपील की कि छोटे-छोटे विवादों के निस्तारण के लिए इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जिला विधि संघ के फिर से निर्वाचित अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन सभी के सहयोग से ही संभव हो पाता है। उन्होंने अधिवक्ता साथियों से अपील की कि वे लोक अदालत की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक मामलों का समाधान हो सके। निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी किया गया आयोजन राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान चिकित्सा जांच शिविर और विशेष नेत्र जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों की शुगर, बीपी और हीमोग्लोबिन की जांच की गई और आवश्यकतानुसार दवाइयों का वितरण भी किया गया। इसके साथ ही पहली बार राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल द्वारा लोगों की आंखों की जांच की गई।  

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