राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में किया गया। इस दौरान राजीनामा योग्य प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। लोक अदालत में पक्षकारों की भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी मामलों का निपटारा किया गया।
नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय रायपुर में कुल 15,75,747 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें राजस्व न्यायालय के 12,16,833, कुटुंब न्यायालय के 59, न्यायालय में लंबित 28,205 प्रकरणों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से जुड़े 2,25,564 मामलों का समाधान किया गया।
मोहल्ला लोक अदालत और जनोपयोगी सेवाओं के मामले भी सुलझे
लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े 488 प्रकरणों, मोहल्ला लोक अदालत के 80 प्रकरणों तथा कमर्शियल कोर्ट के 3 मामलों का भी निराकरण किया गया। इसके अलावा ट्रैफिक चालान और अन्य सिविल मामलों का भी आपसी सहमति से निपटारा किया गया।
पक्षकारों को मिली 10 करोड़ से अधिक राशि
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकरणों में पक्षकारों को कुल 10,44,71,434 रुपये की राशि प्राप्त हुई। इससे लोगों को लंबे समय से चल रहे मामलों में त्वरित राहत मिली और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ। विधिक जागरूकता और योजनाओं का भी हुआ प्रचार
इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोगों को लोक अदालत के लाभ और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में न्यायाधीश, अधिवक्ता, बैंक अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी तथा पैरा लीगल वालंटियर उपस्थित रहे और लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग किया।


