दरभंगा में आज प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं। एक ओर जहां सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया, वहीं जिलाधिकारी ने एलिवेटेड पथ निर्माण काम का निरीक्षण किया। इसके साथ ही व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई शुरू हुई। प्रेक्षागृह, दरभंगा में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के लिए “व्यावसायिक विविधीकरण व उद्यमशीलता का विकास” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सहकारिता व्यवस्था किसानों के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता व्यवस्था किसानों के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पैक्स प्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी जिले के सभी किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसान इन योजनाओं का फायदा उठाकर अपनी आय बढ़ा सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यावसायिक विविधीकरण और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और योजनाओं का फायदा लेकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकते हैं। प्रक्रिया के बारे में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया कार्यशाला में सहकारिता विभाग की ओर से संचालित योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना और बिहार राज्य फसल सहायता योजना समेत अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इन योजनाओं के उद्देश्य, फायदा, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। जिलाधिकारी ने पैक्स अध्यक्षों को धान अधिप्राप्ति कार्य समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गेहूं अधिप्राप्ति को भी गति दी जाएगी, जिसके लिए अभी से तैयारी सुनिश्चित की जाए। एलिवेटेड पथ निर्माण कार्य का निरीक्षण इस दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार ने लहेरियासराय के सैदनगर क्षेत्र में चल रहे एलिवेटेड पथ निर्माण काम का भी स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी और बिहार राज्य पथ निर्माण निगम के अभियंताओं को मुख्य सड़क के दोनों ओर स्थित सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर डायवर्सन पथ बनाने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि एलिवेटेड पथ निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इसे निर्धारित समय सीमा और विभागीय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।उन्होंने अभियंताओं को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर कार्य की सतत निगरानी करने का निर्देश भी दिया। एलिवेटेड पथ बनने से लहेरियासराय और आसपास के क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन, 28 बेंचों में सुनवाई इधर, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के देखरेख में व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का त्वरित, सुलभ और कम खर्च में समाधान करना है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और लोगों को शीघ्र न्याय मिलता है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 28 बेंचों का गठन किया गया है, जिसमें व्यवहार न्यायालय दरभंगा में 16, बेनीपुर में 5 और बिरौल में 7 बेंच शामिल हैं। इन बेंचों में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण वसूली, चेक बाउंस (एनआई एक्ट धारा 138), बिजली बिल विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, वैवाहिक विवाद और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। करीब 21 हजार मामलों के निपटारे के लिए पक्षकारों को नोटिस भेजे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग लोक अदालत में पहुंचकर आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर रहे हैं।
गैस संकट के संबंध में उन्होंने कहा कि समस्या वास्तविक से अधिक मानसिक है। यदि लोग जरूरत से अधिक सिलेंडर घरों में जमा कर लेते हैं तो बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति बन जाती है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और आवश्यकतानुसार ही गैस लेने की अपील की। इस मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी और बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे। बेनीपुर न्यायालय मे राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 163 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 72 लाख 54 हजार 56 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 5 बेंचों का गठन किया गया था। वकील सदस्य गजनफर अली खान ने सुनवाई की पहले बेंच में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम माधवेन्द्र सिंह और वकील सदस्य गजनफर अली खान ने सुनवाई की। इस बेंच में सेंट्रल बैंक के चार ऋण संबंधी मामले तथा बैंक ऑफ इंडिया के दो मामलों का निपटारा करते हुए 1 लाख 20 हजार 500 रुपये का समझौता कराया गया। दूसरे बेंच में एडीजे द्वितीय ऋषि गुप्ता एवं अधिवक्ता सदस्य त्रिलोक नाथ झा ने 16 शमनीय आपराधिक मुकदमे, तीन टेलीफोन बकाया मामले और दो ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निपटारा किया, जिसमें 8 हजार 958 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। तीसरे बेंच में एसीजेएम संगीता रानी एवं अधिवक्ता सदस्य राममोहन झा ने 13 सुलहनीय आपराधिक मुकदमे, एक माप-तौल से संबंधित मामला और एक ग्राम कचहरी से जुड़े मामले का निपटारा कराते हुए 5 हजार रुपये जमा कराए। दरभंगा में आज प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं। एक ओर जहां सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया, वहीं जिलाधिकारी ने एलिवेटेड पथ निर्माण काम का निरीक्षण किया। इसके साथ ही व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई शुरू हुई। प्रेक्षागृह, दरभंगा में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के लिए “व्यावसायिक विविधीकरण व उद्यमशीलता का विकास” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सहकारिता व्यवस्था किसानों के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता व्यवस्था किसानों के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पैक्स प्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी जिले के सभी किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसान इन योजनाओं का फायदा उठाकर अपनी आय बढ़ा सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यावसायिक विविधीकरण और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और योजनाओं का फायदा लेकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकते हैं। प्रक्रिया के बारे में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया कार्यशाला में सहकारिता विभाग की ओर से संचालित योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना और बिहार राज्य फसल सहायता योजना समेत अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इन योजनाओं के उद्देश्य, फायदा, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। जिलाधिकारी ने पैक्स अध्यक्षों को धान अधिप्राप्ति कार्य समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गेहूं अधिप्राप्ति को भी गति दी जाएगी, जिसके लिए अभी से तैयारी सुनिश्चित की जाए। एलिवेटेड पथ निर्माण कार्य का निरीक्षण इस दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार ने लहेरियासराय के सैदनगर क्षेत्र में चल रहे एलिवेटेड पथ निर्माण काम का भी स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी और बिहार राज्य पथ निर्माण निगम के अभियंताओं को मुख्य सड़क के दोनों ओर स्थित सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर डायवर्सन पथ बनाने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि एलिवेटेड पथ निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इसे निर्धारित समय सीमा और विभागीय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।उन्होंने अभियंताओं को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर कार्य की सतत निगरानी करने का निर्देश भी दिया। एलिवेटेड पथ बनने से लहेरियासराय और आसपास के क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन, 28 बेंचों में सुनवाई इधर, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के देखरेख में व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का त्वरित, सुलभ और कम खर्च में समाधान करना है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और लोगों को शीघ्र न्याय मिलता है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 28 बेंचों का गठन किया गया है, जिसमें व्यवहार न्यायालय दरभंगा में 16, बेनीपुर में 5 और बिरौल में 7 बेंच शामिल हैं। इन बेंचों में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण वसूली, चेक बाउंस (एनआई एक्ट धारा 138), बिजली बिल विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, वैवाहिक विवाद और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। करीब 21 हजार मामलों के निपटारे के लिए पक्षकारों को नोटिस भेजे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग लोक अदालत में पहुंचकर आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर रहे हैं।
गैस संकट के संबंध में उन्होंने कहा कि समस्या वास्तविक से अधिक मानसिक है। यदि लोग जरूरत से अधिक सिलेंडर घरों में जमा कर लेते हैं तो बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति बन जाती है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और आवश्यकतानुसार ही गैस लेने की अपील की। इस मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी और बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे। बेनीपुर न्यायालय मे राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 163 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 72 लाख 54 हजार 56 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 5 बेंचों का गठन किया गया था। वकील सदस्य गजनफर अली खान ने सुनवाई की पहले बेंच में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम माधवेन्द्र सिंह और वकील सदस्य गजनफर अली खान ने सुनवाई की। इस बेंच में सेंट्रल बैंक के चार ऋण संबंधी मामले तथा बैंक ऑफ इंडिया के दो मामलों का निपटारा करते हुए 1 लाख 20 हजार 500 रुपये का समझौता कराया गया। दूसरे बेंच में एडीजे द्वितीय ऋषि गुप्ता एवं अधिवक्ता सदस्य त्रिलोक नाथ झा ने 16 शमनीय आपराधिक मुकदमे, तीन टेलीफोन बकाया मामले और दो ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निपटारा किया, जिसमें 8 हजार 958 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। तीसरे बेंच में एसीजेएम संगीता रानी एवं अधिवक्ता सदस्य राममोहन झा ने 13 सुलहनीय आपराधिक मुकदमे, एक माप-तौल से संबंधित मामला और एक ग्राम कचहरी से जुड़े मामले का निपटारा कराते हुए 5 हजार रुपये जमा कराए।


