खगड़िया में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया के तत्वावधान में यह लोक अदालत सिविल कोर्ट खगड़िया और अनुमंडलीय सिविल कोर्ट गोगरी में लगेगी। इसके सफल आयोजन के लिए जिला न्यायालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के निर्देश पर लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, बैंक शाखा प्रबंधक और न्यायिक पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। इसका उद्देश्य लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करना है। पक्षकारों ने जुर्माना-कंपाउंडिंग राशि की जमा इसी कड़ी में, 6 मार्च को बिजली विभाग से संबंधित लंबित मामलों के निपटारे के लिए एक बैठक आयोजित की गई। इसमें विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता और कनीय अभियंता शामिल हुए। बैठक में निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता पर चिह्नित किया जाए, जिनमें पक्षकारों ने न्यायालय में जुर्माना और कंपाउंडिंग राशि जमा कर दी है। साथ ही, इन चिह्नित मामलों के पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए शीघ्र नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया गया। 5,000 लंबित वादों को किया गया चिह्नित सचिव ने जानकारी दी कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए लगभग 8,000 प्री-लिटिगेशन (पूर्व-वाद) और करीब 5,000 न्यायालय में लंबित वादों को चिह्नित किया गया है। संबंधित पक्षकारों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि वे आपसी विवाद और मतभेद समाप्त कर लोक अदालत में सुलह के आधार पर अपने मामलों का त्वरित निपटारा कराएं। इससे समय, धन और अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकार विभिन्न मामलों के पीड़ितों को प्रतिकार राशि भी प्रदान करता है। हाल ही में, मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुए एक एसिड अटैक की पीड़िता को 1 लाख रुपये की अंतरिम प्रतिकार राशि प्रदान की गई है। खगड़िया में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया के तत्वावधान में यह लोक अदालत सिविल कोर्ट खगड़िया और अनुमंडलीय सिविल कोर्ट गोगरी में लगेगी। इसके सफल आयोजन के लिए जिला न्यायालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के निर्देश पर लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, बैंक शाखा प्रबंधक और न्यायिक पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। इसका उद्देश्य लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करना है। पक्षकारों ने जुर्माना-कंपाउंडिंग राशि की जमा इसी कड़ी में, 6 मार्च को बिजली विभाग से संबंधित लंबित मामलों के निपटारे के लिए एक बैठक आयोजित की गई। इसमें विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता और कनीय अभियंता शामिल हुए। बैठक में निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता पर चिह्नित किया जाए, जिनमें पक्षकारों ने न्यायालय में जुर्माना और कंपाउंडिंग राशि जमा कर दी है। साथ ही, इन चिह्नित मामलों के पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए शीघ्र नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया गया। 5,000 लंबित वादों को किया गया चिह्नित सचिव ने जानकारी दी कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए लगभग 8,000 प्री-लिटिगेशन (पूर्व-वाद) और करीब 5,000 न्यायालय में लंबित वादों को चिह्नित किया गया है। संबंधित पक्षकारों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि वे आपसी विवाद और मतभेद समाप्त कर लोक अदालत में सुलह के आधार पर अपने मामलों का त्वरित निपटारा कराएं। इससे समय, धन और अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकार विभिन्न मामलों के पीड़ितों को प्रतिकार राशि भी प्रदान करता है। हाल ही में, मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुए एक एसिड अटैक की पीड़िता को 1 लाख रुपये की अंतरिम प्रतिकार राशि प्रदान की गई है।


