शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान न होने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी मंगलवार को पदाधिकारियों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए। इस कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। बाद में अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद कुछ समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया, जबकि शेष के ठोस समाधान का आश्वासन मिला। अनशन से पहले, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह को छह बिंदुओं का एक पत्र सौंपकर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की थी। इन प्रमुख मांगों में एक ही वित्तीय सत्र में दो बार विद्यालयों का ऑडिट कराकर शिक्षकों का आर्थिक शोषण, चयन वेतनमान की फाइलों को ब्लॉकों पर महीनों तक रोके रखना और बिना विभागीय मुहर के एमडीएम का ऑडिट कराना शामिल था। अन्य मांगों में विभाग के स्टेनो के बैठने का दिन निर्धारित न होना, वर्षों से एक ही ब्लॉक में जमे खंड शिक्षाधिकारियों का स्थानांतरण न किया जाना और शिक्षकों द्वारा कंपोजिट ग्रांट खर्च न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने जैसे मुद्दे भी उठाए गए थे। अनशन की सूचना पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद, बीएसए अमित कुमार सिंह ने अनशनकारियों से वार्ता की और अनशन समाप्त कराया। बीएसए ने 72825 शिक्षक भर्ती के द्वितीय बैच और 29 हजार गणित-विज्ञान के शिक्षकों का चयन वेतनमान आदेश तुरंत जारी कर दिया। उन्होंने ऑडिट के मामले में कहा कि एक वित्तीय सत्र में इसकी संख्या निर्धारित की जाएगी। खंड शिक्षाधिकारियों के ब्लॉक बदलने के संबंध में उन्होंने बताया कि कई अधिकारी इस वर्ष अंतरजनपदीय स्थानांतरण में हैं। बीएसए ने यह भी बताया कि विभाग में स्थायी स्टेनो की नियुक्ति के लिए निदेशक को पत्र लिखा गया है। उन्होंने अन्य लंबित मामलों के भी समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर महामंत्री अमरेश चौधरी, संगठन मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव, आनंद कुमार सिंह, कमला कांत यादव, बृजेश प्रताप सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, विवेक कुमार मिश्रा, दिनेश कुमार शर्मा, अविनाश यादव, विनय कुमार, आदित्य वर्धन शुक्ला, दीपक सिंह, अनिल कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, राकेश कुमार, संजय सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।


