राष्ट्रीय महिला आयोग ने की बिहार में शराबबंदी की सराहना:सदस्य ममता कुमारी ने कहा- पीड़िताओं को समय पर न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता

राष्ट्रीय महिला आयोग ने की बिहार में शराबबंदी की सराहना:सदस्य ममता कुमारी ने कहा- पीड़िताओं को समय पर न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता

राष्ट्रीय महिला आयोग के आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत महिला सशक्तिकरण की दिशा में चल रहे पहल को लेकर आज समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिसमें 25 परिवादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी, डीएम श्रीकांत शास्त्री एवं एसपी मनीष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, शारीरिक प्रताड़ना, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं देने, ससुराल पक्ष की ओर से जबरन मायके भेज देने, कार्यस्थल पर उत्पीड़न ओर पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले सामने आए। सदस्य ममता कुमारी ने प्रत्येक मामले पर सुनवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना और उनकी आवाज को सशक्त बनाना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसुनवाई कार्यक्रम महिलाओं को बिना भय अपनी बात रखने का सशक्त मंच प्रदान करता है। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि जटिल मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित कर शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को हरसंभव सहायता, आवश्यक होने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है। इसके बाद उन्होंने जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जनसुनवाई के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में सदस्य ममता कुमारी ने बिहार में शराबबंदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने नशा मुक्ति के लिए शराबबंदी का जो अभियान चलाया, इसकी जितनी भी सराहना की जाए वह कम है। यह काफी अच्छी पहल है, नशा मुक्त बिहार बनाने के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि सभी अपराध के जड़ में नशा बहुत बड़ा फैक्टर है। नशा मुक्त समाज बनाने के लिए आगे आना चाहिए उन्होंने कहा कि समाज के एक-एक व्यक्ति को नशा मुक्त समाज बनाने के लिए आगे आना चाहिए। समाज जब आगे आएगा तभी नशा मुक्त बिहार बनेगा और नशा मुक्त बिहार बनेगा तो अमन चैन के साथ सुंदर-सुव्यवस्थित बिहार बनेगा। बेगूसराय 28 केस लेकर आई थी। एक-एक केस के आवेदिका और संबंधित पुलिस पदाधिकारी से बात किया, रिपोर्ट लिया गया। 21 केस आज क्लोज कर दिया गया, सात केस स्पेंडिंग रहा है। पांच नए केस आज सामने आए हैं, उस पर भी सुनवाई हुई है और आगे की प्रक्रिया की जा रही है। महिलाएं शिक्षित बनें, जब तक महिलाओं के पास शिक्षा नहीं होगा, तब तक उन्हें लीगल ज्ञान नहीं होगा, उन्हें पता नहीं रहेगा कि अधिकार क्या है। जब तक अधिकार का आभास नहीं होगा, लड़ाई नहीं लड़ सकेंगी। इसलिए हम चाहते हैं कि हमारी बेटियां पढ़ें, उनका सम्मान हो, सुरक्षा हो। भारत सरकार और खासकर बिहार पहला राज्य है, जिसने पंचायती राज में आरक्षण दिया। महिलाएं अपनी आवाज बुलंद करती यहां महिलाओं में आगे आने की ललक है, इसी का परिणाम है कि महिलाएं अपनी आवाज बुलंद करती है। हमारे पास आती है और हम लोग उसकी सुनवाई करते हैं। चाहती हूं कि महिलाएं सक्षम हों, उन्हें लगना चाहिए की अपनी लड़ाई लड़ सकते हैं। तभी वह आगे शादी के लिए सोचें, कम उम्र में शादी के लिए माता-पिता परेशान नहीं करें। तेरे मेरे सपने प्रोजेक्ट के तहत बेगूसराय में कार्यालय खोलने पर चर्चा हुई है। देश के प्रत्येक जिला में तेरे मेरे कार्यालय खुलेंगे। इतना जो घरेलू हिंसा बढ़ रहा है, उसी के तहत तेरे मेरे सपने नाम से नई पहल शुरू की गई है। शादी दोनों के सपनों के साथ सजाया हुआ एक दौड़ है, उसे उसी रूप में देखने के लिए यह पहल की गई है। महिलाओं और लड़कियों के स्किल डेवलपमेंट, नेतृत्व बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभी 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश भर के 450 जिलों में स्टेट कमीशन के साथ मिलकर जनसुनवाई करेंगे। बेगूसराय मंडल कारा का निरीक्षण किया बेगूसराय मंडल कारा का निरीक्षण भी किया गया, जहां कई महिला कैदी निरक्षर पाई गईं। संबंधित अधिकारियों को उन्हें साक्षर बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। आयोग चाहता है कि पुलिस-प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें और महिलाओं को आगे बढ़ने में आ रही बाधाओं को दूर करे। सभी पदाधिकारी परिवादों का निष्पक्ष जांच करें, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। राष्ट्रीय महिला आयोग के आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत महिला सशक्तिकरण की दिशा में चल रहे पहल को लेकर आज समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिसमें 25 परिवादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी, डीएम श्रीकांत शास्त्री एवं एसपी मनीष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, शारीरिक प्रताड़ना, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं देने, ससुराल पक्ष की ओर से जबरन मायके भेज देने, कार्यस्थल पर उत्पीड़न ओर पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले सामने आए। सदस्य ममता कुमारी ने प्रत्येक मामले पर सुनवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना और उनकी आवाज को सशक्त बनाना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसुनवाई कार्यक्रम महिलाओं को बिना भय अपनी बात रखने का सशक्त मंच प्रदान करता है। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि जटिल मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित कर शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को हरसंभव सहायता, आवश्यक होने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है। इसके बाद उन्होंने जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जनसुनवाई के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में सदस्य ममता कुमारी ने बिहार में शराबबंदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने नशा मुक्ति के लिए शराबबंदी का जो अभियान चलाया, इसकी जितनी भी सराहना की जाए वह कम है। यह काफी अच्छी पहल है, नशा मुक्त बिहार बनाने के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि सभी अपराध के जड़ में नशा बहुत बड़ा फैक्टर है। नशा मुक्त समाज बनाने के लिए आगे आना चाहिए उन्होंने कहा कि समाज के एक-एक व्यक्ति को नशा मुक्त समाज बनाने के लिए आगे आना चाहिए। समाज जब आगे आएगा तभी नशा मुक्त बिहार बनेगा और नशा मुक्त बिहार बनेगा तो अमन चैन के साथ सुंदर-सुव्यवस्थित बिहार बनेगा। बेगूसराय 28 केस लेकर आई थी। एक-एक केस के आवेदिका और संबंधित पुलिस पदाधिकारी से बात किया, रिपोर्ट लिया गया। 21 केस आज क्लोज कर दिया गया, सात केस स्पेंडिंग रहा है। पांच नए केस आज सामने आए हैं, उस पर भी सुनवाई हुई है और आगे की प्रक्रिया की जा रही है। महिलाएं शिक्षित बनें, जब तक महिलाओं के पास शिक्षा नहीं होगा, तब तक उन्हें लीगल ज्ञान नहीं होगा, उन्हें पता नहीं रहेगा कि अधिकार क्या है। जब तक अधिकार का आभास नहीं होगा, लड़ाई नहीं लड़ सकेंगी। इसलिए हम चाहते हैं कि हमारी बेटियां पढ़ें, उनका सम्मान हो, सुरक्षा हो। भारत सरकार और खासकर बिहार पहला राज्य है, जिसने पंचायती राज में आरक्षण दिया। महिलाएं अपनी आवाज बुलंद करती यहां महिलाओं में आगे आने की ललक है, इसी का परिणाम है कि महिलाएं अपनी आवाज बुलंद करती है। हमारे पास आती है और हम लोग उसकी सुनवाई करते हैं। चाहती हूं कि महिलाएं सक्षम हों, उन्हें लगना चाहिए की अपनी लड़ाई लड़ सकते हैं। तभी वह आगे शादी के लिए सोचें, कम उम्र में शादी के लिए माता-पिता परेशान नहीं करें। तेरे मेरे सपने प्रोजेक्ट के तहत बेगूसराय में कार्यालय खोलने पर चर्चा हुई है। देश के प्रत्येक जिला में तेरे मेरे कार्यालय खुलेंगे। इतना जो घरेलू हिंसा बढ़ रहा है, उसी के तहत तेरे मेरे सपने नाम से नई पहल शुरू की गई है। शादी दोनों के सपनों के साथ सजाया हुआ एक दौड़ है, उसे उसी रूप में देखने के लिए यह पहल की गई है। महिलाओं और लड़कियों के स्किल डेवलपमेंट, नेतृत्व बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभी 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश भर के 450 जिलों में स्टेट कमीशन के साथ मिलकर जनसुनवाई करेंगे। बेगूसराय मंडल कारा का निरीक्षण किया बेगूसराय मंडल कारा का निरीक्षण भी किया गया, जहां कई महिला कैदी निरक्षर पाई गईं। संबंधित अधिकारियों को उन्हें साक्षर बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। आयोग चाहता है कि पुलिस-प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें और महिलाओं को आगे बढ़ने में आ रही बाधाओं को दूर करे। सभी पदाधिकारी परिवादों का निष्पक्ष जांच करें, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।  

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