लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लखनऊ उत्तर भाग द्वारा होली के अवसर पर भगवान नरसिंह यात्रा निकाली गई। यह यात्रा बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में आयोजित की गई, जिसमें भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की पौराणिक कथा का महत्व दर्शाया गया। होली को भारत का एक प्रमुख उत्सवधर्मी पर्व माना जाता है। इस पर्व का संबंध भगवान नरसिंह के अवतार से है, जिन्होंने भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए अधर्म का अंत किया था। यह कथा अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश देती है। समाज परिवर्तन के पांच प्रमुख विषयों पर चर्चा हुईं यात्रा से पूर्व अवध प्रांत के प्रचारक कौशल ने जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने होली को पारंपरिक और मर्यादित तरीके से मनाने का आह्वान किया। साथ ही, संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में समाज परिवर्तन के पांच प्रमुख विषयों में से पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रिपन कुमार ने की और सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। लखनऊ उत्तर जिला संघचालक विश्वजीत की अनुमति से यात्रा सरस्वती विद्या मंदिर, सेक्टर-क्यू, अलीगंज से शुरू हुई। बग्घी पर भगवान नरसिंह की झांकी स्वयं और शाश्वत की देखरेख में निकाली गई।यात्रा अलीगंज के प्रमुख चौराहों से गुजरी और पुनः सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में समाप्त हुई। मार्ग में कई परिवारों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों से लाए गए गुझिया और पापड़ का प्रसाद भी वितरित किया। ये लोग शामिल हुए इस आयोजन में उमेश, अनिल, डॉ. भीम सोनकर, शुभम, जयकृष्ण सिन्हा, आजाद, अभिषेक मोहन, सतीश, देवव्रत, शाश्वत, दीपक, दीनदयाल, चंद्र भूषण, रजनीश, अमर और अखंड सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में रंग, भक्ति और सामाजिक संदेश का सुंदर संगम देखने को मिला।


