मजबूत हौसले से दिव्यांगता को दी मात, मिसाल बनी नंदिनी

मजबूत हौसले से दिव्यांगता को दी मात, मिसाल बनी नंदिनी

दिनेश कुमार शर्मा 

अजमेर (Ajmer news) . जरूरी नहीं कि देश सेवा के लिए बहुत बड़े काम किए जाएं। छोटे-छोटे प्रयासों और अपने तरीकों से भी देश सेवा की जा सकती है। हां, इसके लिए हौसला मजबूत और समर्पण रखना होगा। कुछ ऐसा ही मानना है अजमेर की ‘बेमिसाल बेटी’ नंदिनी गौड़ का। किसान कॉलोनी निवासी नंदिनी गौड़ (24) ने दिव्यांगता को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उसने अपनी प्रतिभा के रंग कैनवास पर ऐसे उकेरे की देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उसकी प्रतिभा के कायल हो गए।

शौक को जुनून में बदला

घर में चौकी पर पेंसिल से बनाए गए साधारण स्केच को परिवार ने सराहा तो नंदिनी ने अपने शौक को जुनून में बदला। उसका कला का सफर खासा प्रेरणादायक है, जिसमें उसने कागज पर स्केच और पोर्ट्रेट बनाने के बाद ऑनलाइन माध्यम से चित्रकारी की बारीकियां सीखीं और पेंटिंग का अभ्यास शुरू किया।

प्रतिभा को मिली राष्ट्रीय पहचान

उसकी प्रतिभा को तब राष्ट्रीय पहचान मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उसकी हौसला अफजाई करते हुए शुभकामनाएं दीं। दरअसल ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 100वें एपिसोड के मौके पर नंदिनी द्वारा बनाई गई प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को सांसद भागीरथ चौधरी ने सोशल मीडिया पर साझा किया था। बाद में प्रधानमंत्री ने इस संबंध में ट्वीट किया।

मिट्टी के दीपक और थाल पर चित्रकारी

नंदिनी मिट्टी के दीपक और थाल पर भी आकर्षक चित्रकारी करती हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर उन्होंने मिट्टी के दीपक पर राम मंदिर और श्रीराम की पेंटिंग बनाई। वे कालबेलिया नृत्य, रेत के धोरों, कैक्टस और ऊंट जैसे विषयों को कलाकृतियों में विशेष स्थान देती हैं। एब्सट्रैक्ट आर्ट के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि जैसे रेगिस्तान में रेत और कांटों के बीच भी फूल खिलते हैं, वैसे ही जीवन की कठिनाइयों से घबराने की बजाय संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्षदेवनानी का भेंट किया पोर्ट्रेट

हाल ही में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का कैनवास पर पोर्ट्रेट बनाकर उन्हें भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। नंदिनी महाराणा प्रताप, भगत सिंह और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों की पेंटिंग भी बना चुकी हैं। इन दिनों वे राजस्थान के लुप्तप्राय राज्य पक्षी गोडावण की पेंटिंग बना रही हैं। उनकी बनाई ब्ल्यू पोट्रेट शैली की हाथी पर बैठे राजा की पेंटिंग अमरीका में बिकी है।

इनसे मिला मार्गदर्शन

नंदिनी की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में पीसांगन के चित्रकार मुकेश रांकावत, रंगोली कलाकार संजय सेठी और परिचित योगेश गौड़ ने मार्गदर्शन देकर प्रेरित किया। इवेंट मैनेजमेंट व्यवसाय से जुड़े पिता प्रकाश गौड़, मां सीमा और बड़ी बहन कृतिका ने भी सहयोग किया।

प्रमुख कृतियां

पिछवाई शैली में श्रीनाथजी की कैनवास पेंटिंग, बणी-ठणी की पेंटिंग, ईसर-गणगौर, ऊंट और सारंगी विषय पर चित्र, महाराणा प्रताप की घोड़े पर सवार पेंटिंग, भगत सिंह और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पोर्ट्रेट, कालबेलिया नृत्य और राजस्थानी लोकजीवन पर आधारित पेंटिंग्स समेत 20 से अधिक पेंटिंग और 15 से अधिक स्केच।

सम्मान और सपना

नंदिनी को तत्कालीन जिला कलक्टर भारती दीक्षित व जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी सम्मानित कर चुके हैं। वह मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा की प्रशंसक हैं। उन्होंने कपिल व उनकी मां का पोर्ट्रेट भी तैयार किया है। इसे वे स्वयं कपिल शर्मा को भेंट करना चाहती हैं।

ममता की नहीं ‘सीमा’, बन रहीं हमसाया

नंदिनी की दायरा सीमित है। छोटा सा कमरा, जिसमें उसकी जिंदगी मां सीमा के इर्द-गिर्द घूमती है। वे न सिर्फ उसकी दिनचर्या में हमसाया बन साथ रहती हैं, बल्कि उसकी प्रतिभा को आकार देने में उनकी बहुत बड़ी भूमिका है। नंदिनी के हाथ-पैर काम नहीं करते वह मुंह से पेंटिंग व स्केच बनाती है। इस दौरान मां सीमा उसकी मदद कर जीवन में खुशियों के ‘रंग’ भर रही हैं। उन्होंने बताया कि नंदिनी के इलाज के लिए देश के कई बड़े अस्पतालों में दिखाया पर सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है। उसके इलाज के लिए वे देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञों के संपर्क में हैं।

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