ड्राफ्ट सूची में नाम, फिर भी भर दिए फॉर्म 7:लोगों ने आरोप लगाया-सालों से वोट दे रहे, एसआईआर करवाया, एक ही बीएलओ के नाम से भरे 65 फॉर्म

ड्राफ्ट सूची में नाम, फिर भी भर दिए फॉर्म 7:लोगों ने आरोप लगाया-सालों से वोट दे रहे, एसआईआर करवाया, एक ही बीएलओ के नाम से भरे 65 फॉर्म

कोटा में एसआईआर को लेकर विवाद सामने आने लगा है। दो दिन से कांग्रेस, सरकार पर सूची में से नाम काटने, फॉर्म नंबर सात गलत भरने के आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रही है और ज्ञापन दे रही हैं। वहीं शुक्रवार को कोटा के कंसुआ क्षेत्र से कुछ लोग सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम भी बिना जानकारी के काटे जा रहे हैं। उनके फॉर्म नंबर सात भरे जा चुके हैं और उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के बूथ लेवल एजेंट की सक्रियता से ये मामला सामने आया है। इन लोगों की तरफ से आपत्ति जताई गई है। कंसुआ अफोर्डेबल हाउसिंग में रहने वाले तस्स्दुक शेरवानी ने बताया कि उनके बेटे और बेटी के नाम काट दिए गए है। दोनों के फॉर्म नंबर सात भर दिए गए जबकि परिवार में इसकी जानकारी किसी को नहीं है। जबकि एसआईआर में इनका नाम है, ड्राफ्ट सूची में इनका नाम है इसके बावजूद अब नाम काटने की जो लास्ट सूची आई है उनमें इनके नाम दिए है। बीएलए के जरिये इसकी जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि एरिया में कई लोगों के ऐसे ही नाम काटे गए है। बिना किसी जानकारी के, उनके फॉर्म भरे गए। जबकि लोग वहां रह रहे हैं। जो सूची बीएलओ ने तैयार की है, उसमें भी जिन लोगों के नाम काटे गए उन्हें वहीं रहना बताया है। कंसुआ के ही नन्हें खान ने बताया कि वह फैक्ट्री में काम करते है। उनका ड्राफ्ट सूची में नाम है। साल 1980 से वोट दे रहे हैं। एसआईआर फॉर्म भी भरा, ड्राफ्ट सूची में भी नाम है। बीएलओ आकर वेरिफाई करके गया है। इसके बाद भी फॉर्म नंबर सात में नाम काटने का फॉर्म भर दिया गया। कंसुआ के ही रहने वाले नफीस ने बताया कि उनके पिता का नाम सूची में से काट दिया गया है। सालों से कंसुआ में रह रहे है। भाग संख्या 150 में नाम था। लेकिन शुक्रवार को पता लगा कि उनके नाम से फॉर्म नंबर सात भरा गया है। जबकि सालों से वोट देते आ रहे हैं। ड्राफ्ट लिस्ट में भी नाम था। एक ही बीएलओ ने भर दिए 65 फॉर्म
कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब केन्द्र और राज्य सरकार के इशारे पर हो रहा है। बीएलओ दबाव में आकर काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि एक बीएलओ पचास नाम जोड या हटा सकता है लेकिन कंसुआ में बीएलओ सुरेन्द्र कुमार ने 65 लोगों के फॉर्म भरे है। आरोप है कि जब उससे इस बारे में जानकारी ली गई तो उसका कहना था कि उसे इन फॉर्म की जानकारी नहीं है। हालांकि भास्कर ने बीएलओ सुरेन्द्र से बात करने की कोशिश की, कई बार उन्हें कॉल लगाया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। कांग्रेस का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी से जुडे लोग या पार्टी की विचारधारा के लोगों का नाम काटा जा रहा है, फॉर्म में बकायदा व्यक्ति का नाम प्रिंट है, जबकि बीएलओ को अपनी डिटेल भरनी पड़ रही है। कांग्रेस करवाएगी मुकदमा दर्ज
वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि फॉर्म नंबर सात में जमकर फर्जीवाडा हो रहा है। बीएलओ के नाम से फॉर्म भरे जा रहे हैं और बीएलओ को जानकारी तक नहीं है, ऐसा नहीं हो सकता है। एक ही इलाके से 65 लोगों के फॉर्म नंबर सात भरकर जमा करवाए गए हैं। इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। कांग्रेस ये फर्जीवाडा नहीं चलने देगी और अब सड़क पर आंदोलन होगा। कैथून में भी काटे गए नाम, प्रदर्शन
पंचायत समिति लाडपुरा पूर्व प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू व पूर्व कैथून नगरपालिका अध्यक्ष आईना महक के नेतृत्व में लोगों ने एसआईआर के बाद मतदाताओ का मतदाता सूची से नाम काटने के विरोध में जिला कलेक्टर कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मतदाता सूची से फार्म नम्बर 7 भरकर नाम काटने वाले नामजद लोगो पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। नईमुद्दीन गुड्डू ने बताया कि कैथून कस्बे में सैकड़ों लोगों के निर्वाचन आयोग की SIR की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात मतदाता सूची में नाम दर्ज हो चुके थे,लोगो द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ द्वारा लोगो से मांगे गए दस्तावेज नियमानुसार उन्होंने उपलब्ध करा दिए गए थे जिसके बाद कैथून कस्बे के ही कुछ असामाजिक तत्वों ने गलत तरीके से सैकडों लोगों के नाम मतदाता सूची से नाम कटवाने का फॉर्म 7 भरकर संबंधित बीएलओ को देकर सैकडों लोगो के नाम कटवा दिए ।

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