नालंदा की बेटी स्मृति ने UPSC में लहराया परचम:ऑल ‎‎इंडिया 368वीं रैंक, अवर निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर रहते हुए मिली सफलता

नालंदा की बेटी स्मृति ने UPSC में लहराया परचम:ऑल ‎‎इंडिया 368वीं रैंक, अवर निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर रहते हुए मिली सफलता

नालंदा जिले के घोसरावां गांव की बेटी स्मृति आनंद ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराया है। स्मृति ने ऑल ‎‎इंडिया 368वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। वर्तमान में लखीसराय में अवर निर्वाचन पदाधिकारी (Sub-Election Officer) के रूप में कार्यरत स्मृति की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई है। पिता अंचल अधिकारी रह चुके हैं स्मृति आनंद एक प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह अंचल अधिकारी (CO) के पद से रिटायर्ड हैं, जबकि माता मंजू देवी एक कुशल गृहिणी हैं। उनका भाई मोहित आनंद बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत है। स्मृति की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और परिवार का निरंतर सहयोग रहा है। हालांकि, स्मृति का परिवार वर्तमान में राजधानी पटना में रह रहा है। प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा पटना में ही संपन्न हुई है। इलाके में जश्न का माहौल स्मृति आनंद का कहना है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों और ग्रामीणों ने कहा कि स्मृति ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी यह सफलता गिरियक और नालंदा के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। परिवार में जश्न का माहौल है और लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं। नालंदा जिले के घोसरावां गांव की बेटी स्मृति आनंद ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराया है। स्मृति ने ऑल ‎‎इंडिया 368वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। वर्तमान में लखीसराय में अवर निर्वाचन पदाधिकारी (Sub-Election Officer) के रूप में कार्यरत स्मृति की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई है। पिता अंचल अधिकारी रह चुके हैं स्मृति आनंद एक प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह अंचल अधिकारी (CO) के पद से रिटायर्ड हैं, जबकि माता मंजू देवी एक कुशल गृहिणी हैं। उनका भाई मोहित आनंद बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत है। स्मृति की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और परिवार का निरंतर सहयोग रहा है। हालांकि, स्मृति का परिवार वर्तमान में राजधानी पटना में रह रहा है। प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा पटना में ही संपन्न हुई है। इलाके में जश्न का माहौल स्मृति आनंद का कहना है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों और ग्रामीणों ने कहा कि स्मृति ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी यह सफलता गिरियक और नालंदा के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। परिवार में जश्न का माहौल है और लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *