नालंदा के राजगीर अंचल कार्यालय में तैनात एक राजस्व कर्मचारी को भूमि परिमार्जन के एवज में 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने अरेस्ट किया। मंगलवार को रंगे हाथों गिरफ्तार इन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कर्मचारी अखिलेश साह को छबीलापुर रोड स्थित लेदुवा पुल के पास धर दबोचा गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी नालंदा कुंदन कुमार ने संज्ञान लेते हुए अखिलेश साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अपर समाहर्ता नालंदा को आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सुनियोजित तरीके से कीम ने जाल बिछाया मामले की शुरुआत छबीलापुर थाना क्षेत्र के रटना निवासी राजीव कुमार की शिकायत से हुई। परिवादी ने निगरानी ब्यूरो को बताया कि वे अपनी जमीन का परिमार्जन कराना चाहते थे, लेकिन राजस्व कर्मचारी अखिलेश साह इस काम के लिए मोटी रकम की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलते ही निगरानी ब्यूरो ने मामले की पड़ताल शुरू की। प्राथमिक जांच में जब आरोप सही पाए गए, तो डीएसपी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और मंगलवार को जब आरोपी कर्मचारी रिश्वत की रकम ले रहा था, उसी समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 2026 में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तेज निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि साल 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और तेज हुआ है। इस साल अब तक कुल 14 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। मंगलवार की यह कार्रवाई साल 2026 का 11वां और 12वां ट्रैप केस है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज एक महीने की अवधि में ही 9 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान कुल 1,65,000 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई है। नालंदा के राजगीर अंचल कार्यालय में तैनात एक राजस्व कर्मचारी को भूमि परिमार्जन के एवज में 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने अरेस्ट किया। मंगलवार को रंगे हाथों गिरफ्तार इन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कर्मचारी अखिलेश साह को छबीलापुर रोड स्थित लेदुवा पुल के पास धर दबोचा गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी नालंदा कुंदन कुमार ने संज्ञान लेते हुए अखिलेश साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अपर समाहर्ता नालंदा को आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सुनियोजित तरीके से कीम ने जाल बिछाया मामले की शुरुआत छबीलापुर थाना क्षेत्र के रटना निवासी राजीव कुमार की शिकायत से हुई। परिवादी ने निगरानी ब्यूरो को बताया कि वे अपनी जमीन का परिमार्जन कराना चाहते थे, लेकिन राजस्व कर्मचारी अखिलेश साह इस काम के लिए मोटी रकम की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलते ही निगरानी ब्यूरो ने मामले की पड़ताल शुरू की। प्राथमिक जांच में जब आरोप सही पाए गए, तो डीएसपी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और मंगलवार को जब आरोपी कर्मचारी रिश्वत की रकम ले रहा था, उसी समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 2026 में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तेज निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि साल 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और तेज हुआ है। इस साल अब तक कुल 14 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। मंगलवार की यह कार्रवाई साल 2026 का 11वां और 12वां ट्रैप केस है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज एक महीने की अवधि में ही 9 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान कुल 1,65,000 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई है।


