नागौर. शहर के बाड़ीकुआं क्षेत्र में सडक़ें पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी सतह और टूटी परत ने इन सडक़ों को आमजन के लिए खतरा बना दिया है। क्षेत्र से गुजरना अब रोजाना जोखिम उठाने जैसा हो गया है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक गंभीर है। कई स्थानों पर सडक़ के बीच बने चैंबर ढक्कन न केवल ऊपर उठे हुए हैं, बल्कि आसपास की सडक़ पूरी तरह धंस चुकी है। इससे वाहन असंतुलित होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार लोग इन गड्ढों की वजह से गिरकर चोटिल हो चुके है।
नालियों का पानी सडक़ों पर, हालात और बिगड़े
क्षेत्र में केवल सडक़ें ही नहीं, बल्कि सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। कई जगह नालियों का गंदा पानी सीधे सडक़ों पर बह रहा है।जिससे कीचड़ और दुर्गंध फैल रही है। इससे राहगीरों को परेशानी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। स्थानीय निवासी राजेश कुमावत, हाजी सलीम, मनीष सोनी, पवन चौधरी, गौतम शर्मा, रफीक खान व सीमा देवी का कहना है कि क्षेत्र की सडक़ों को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। बाड़ीकुआं क्षेत्र की यह स्थिति तब है जब नागौर जिला मुख्यालय ह,ै और यहां सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। इसके बावजूद सडक़ जैसी मूलभूत सुविधा का लाभ तक लोगों को नहीं मिल पा रहा।


