नागौर. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति को लेकर बने अस्थिर माहौल और कई देशों में एलपीजी किल्लत के बीच जिले में जिम्मेदार एलपीजी सप्लाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में लगे हुए है। हालांकि इस स्थिति का फायदा उठाते हुए जमाखोर जहां घरेलू गैस सिलेण्डर को मनमर्जी के दाम पर बेचने में लगे हुए हैं, वहीं विभाग की ओर से ओर ऐसे जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए टीमें बना दी गई है। इसके चलते अब तक इस माह हुई एक दर्जन से ज्यादा छामामारी की कार्यवाइयां करने के साथ 300 से ज्यादा एलपीजी रसोई गैस के घरेलू सिलेण्डर जब्त किए जा चुके हैं।
आधे महीने में आधी सप्लाई, रफ्तार बरकरार
फरवरी में 2,14,410 सिलेण्डर वितरित हुए, जबकि मार्च में 17 तारीख तक 1,07,900 सिलेण्डर उपभोक्ताओं तक पहुंच चुके हैं। यानी आधे महीने में ही करीब आधी सप्लाई हो चुकी है, जिससे वितरण की रफ्तार स्थिर नजर आ रही है। फरवरी में औसतन करीब 7,600 सिलेण्डर प्रतिदिन वितरित हुए, जबकि मार्च में अब तक औसत करीब 7,200 के आसपास है। अधिकारियों का मानना है कि महीने के शेष दिनों में यही गति रही तो कुल वितरण फरवरी के बराबर या उससे अधिक पहुंच सकता है। हालांकि गर्मी के मौसम से पहले एलपीजी की मांग बढऩे के साथ जमाखोरी की कोशिशें भी बढ़ी हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विभाग घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और अवैध भंडारण पर सख्ती रखते हुए सप्लाई संतुलित बनाए रखने पर फोकस कर रहा है।
25 जगह कार्रवाई, 328 सिलेण्डर जब्त
रसद विभाग ने इस माह में मेड़ता, जसनगर, रियाबड़ी, नागौर, मेड़ता रोड और डेगाना सहित 25 स्थानों पर कार्रवाई कर 328 सिलेण्डर जब्त किए हैं। विभाग का मानना है कि जमाखोरी पर अंकुश से ही उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
एलपीजी वितरण की स्थिति पर एक नजर
फरवरी: 2,14,410 सिलेण्डर
17 मार्च तक: 1,07,900 सिलेण्डर
फरवरी औसत: 7,600 प्रतिदिन
मार्च औसत: 7,200 प्रतिदिन
रसोई गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने की पूरी कोशिश
जिले में एलपीजी सप्लाई सुचारु है। जमाखोरी और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, ताकि हर उपभोक्ता को समय पर सिलेण्डर मिल सके। इसके लिए टीमों को बनाकर जिले में कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेण्डर का दुरुपयोग रोकने एवं जमाखोरी पर निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अंकित पचार, जिला रसद अधिकारी नागौर


