नागौर: ईमानदारी की मिसाल;18 लाख के खोए गहने परिचालक ने लौटाए, महिला की आंखों से छलकी खुशी

नागौर: ईमानदारी की मिसाल;18 लाख के खोए गहने परिचालक ने लौटाए, महिला की आंखों से छलकी खुशी

नागौर। रोडवेज बस में मिले करीब 18 लाख के गहने परिचालक ने महिला को लौटाकर रोडवेज कर्मियों ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। बीकानेर-नागौर-जोधपुर मार्ग पर चलने वाली राजस्थान रोडवेज बस में बुधवार को परिचालक रामकिशोर सांखला और चालक बाबू मोहम्मद को एक महिला का गहनों से भरा बैग मिला। यह बैग उन्होंने गहनों की मालिक तक पहुंचाया। बैग में रखे गहनों का वजन करीब 12 तोला बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपए है।

खींवसर में उतरते समय बस में छूटा बैग

जानकारी के अनुसार पांचला सिद्धा निवासी शारदा कड़वासरा पति सुशील कड़वासरा के साथ जयपुर से नागौर आई। यहां से वे जोधपुर जाने वाली रोडवेज बस में सवार होकर खींवसर के लिए रवाना हुए। शारदा का पीहर टांकला में होने के कारण उन्होंने रास्ते में टांकला में परिजनों से गहनों का बैग लिया था। खींवसर में उतरते समय वह गहनों का बैग बस में ही भूल गईं। दोपहर करीब दो बजे घर पहुंचने पर बैग नहीं मिलने पर वह घबरा गईं।

परिचालक से संपर्क, सुरक्षित होने की मिली जानकारी

शारदा के पति ने अपनी जान-पहचान के एक परिचालक से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। परिचालक ने टिकट पर दर्ज बस नंबर के आधार पर बस के परिचालक रामकिशोर सांखला का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उससे संपर्क किया। रामकिशोर ने उसे बताया कि बैग उन्हें बस में मिल गया है और पूरी तरह सुरक्षित है। उसने बताया कि शाम को नागौर पहुंचने पर गहनों का बैग लौटा देंगे।

नागौर बस स्टैंड पर लौटाए गहने

शाम करीब छह बजे नागौर बस स्टैंड पर परिचालक रामकिशोर सांखला और चालक बाबू मोहम्मद ने दानाराम, पप्पूलाल पंवार सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में गहनों से भरा बैग शारदा को सौंप दिया। अपने गहने सुरक्षित मिलने पर शारदा और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। रोडवेजकर्मियों की ईमानदारी की दिल से सराहना की।

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