दसवीं बोर्ड परीक्षा 2026 परिणाम में नागौर व डीडवाना-कुचामन का डंका

दसवीं बोर्ड परीक्षा 2026 परिणाम में नागौर व डीडवाना-कुचामन का डंका

नागौर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से मंगलवार को जारी दसवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में नागौर एक पायदान नीचे फिसल कर तीसरे से चौथे स्थान पर चला गया। हालांकि नागौर की रैंक टॉप-5 में है, वहीं नागौर से अलग हुए डीडवाना-कुचामन जिले ने दो रैंक का सुधार करते चौथी से दूसरी रैंक प्राप्त कर ली। पिछले साल दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में नागौर प्रदेश में तीसरे व डीडवाना-कुचामन चौथे स्थान पर था।

दसवीं के परिणाम में नागौर जिले का औसत रिजल्ट 97.09 प्रतिशत रहा है, जबकि वर्ष 2025 में 97.26 प्रतिशत व वर्ष 2024 में 96.51 प्रतिशत था। इसी प्रकार डीडवाना-कुचामन जिले ने 97.59 प्रतिशत औसत परिणाम के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जबकि गत वर्ष चौथा स्थान था। इस बार डीडवाना-कुचामन जिले की रैंक व औसत परिणाम में अच्छा सुधार हुआ है। प्रदेश में पहले स्थान पर झुंझुनूं (97.77 प्रतिशत) व तीसरे स्थान पर सीकर (97.43 प्रतिशत) रहा है। वहीं 96.48 प्रतिशत परिणाम के साथ जोधपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है।

दसवीं बोर्ड का परिणाम एक नजर

विद्यार्थी – नागौर – डीडवाना

कुल पंजीकृत – 27,361 – 26,765

छात्र – 14,363 – 14,007

छात्राएं – 12,998 – 12,758

परीक्षा में बैठे – 27,003 – 26,416

छात्र – 14,120 – 13,791

छात्राएं – 12,883 – 12,625

प्रथम श्रेणी – 16,789 – 17,086

द्वितीय श्रेणी – 8351 – 7629

तृतीय श्रेणी – 1077 – 1065

कुल उत्तीर्ण – 26,217 – 25,780

औसत प्रतिशत – 97.09 – 97.59

छात्र प्रतिशत – 96.89 – 97.30

छात्रा प्रतिशत – 97.31 – 97.92

नागौर जिला : दसवीं कक्षा- पिछले 11 साल का परिणाम

वर्ष – औसत परिणाम – प्रदेश में स्थान

2015 – 86 प्रतिशत – प्रथम

2016 – 88.84 प्रतिशत – दूसरा

2018 – 84.70 प्रतिशत – तीसरा

2019 – 85.02 प्रतिशत – तीसरा

2020 – 87.20 प्रतिशत – तीसरा

2021 – 99.44 प्रतिशत – 25वां

2022 – 91.44 प्रतिशत – प्रथम

2023 – 95.04 प्रतिशत – तीसरा

2024 – 96.51 प्रतिशत – छठा

2025 – 97.26 प्रतिशत – तीसरा

2026 – 97.09 प्रतिशत – चौथा

11 साल में 11 प्रतिशत सुधरा परिणाम, फिर भी पहले से चौथा नम्बर

दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम पर नजर डालें तो पिछले 11 सालों में जिले का औसत परिणाम 11 प्रतिशत सुधर गया है। वर्ष 2015 में जहां 86 प्रतिशत परिणाम के बावजूद नागौर जिला प्रदेश में टॉप था, वहीं इस वर्ष 97.09 प्रतिशत औसत परिणाम होने के बावजूद नागौर जिले की प्रदेश में चौथी रैंक है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दसवीं का परिणाम किस स्तर तक सुधरा है। यानि अब दसवीं में फेल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या तीन फीसदी से भी कम रह गई।

इस बार भी छात्राओं ने मारी बाजी

नागौर जिले में दसवीं बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 27,361 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 27,003 ने परीक्षा दी। इसमें 14,120 छात्र तथा 12,883 छात्राएं थी। छात्रों का परिणाम 96.89 प्रतिशत रहा है, वहीं छात्राओं का परिणाम 97.31 प्रतिशत रहा है। इसी प्रकार डीडवाना कुचामन जिले में कुल 26,765 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 26,416 ने परीक्षा दी। इनमें 13,791 छात्र व 12,625 छात्राएं थी। छात्रों का औसत परिणाम 97.30 प्रतिशत तथा छात्राओं का 97.92 प्रतिशत रहा। हमेशा की तरह दोनों जिलों में छात्राओं ने छात्रों से बेहतर परिणाम देते हुए बाजी मारी।

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