बांका के सहायक थाना नवादा बाजार क्षेत्र के अमहारा गांव के शिव मंदिर के पास इन दिनों एक अनोखी घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हर दिन दोपहर ठीक 12 बजे एक नाग सांप अपने बिल से बाहर निकलता है। दोपहर 2 बजे तक एक ही स्थान पर फन फैलाए शांत मुद्रा में बैठा रहता है। उसके बाद वह वापस अपने बिल में समा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भी नाग का दर्शन लोगों ने किया। इसे लेकर लोगों में उत्सुकता और आस्था दोनों तेजी से बढ़ गई है। नाग के फन पर त्रिशूल का निशान! ग्रामीणों का दावा है कि सांप के फन पर त्रिशूल जैसा आकृति दिखाई देती है। कई लोग इसे भगवान शिव के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ श्रद्धालु इसे नाग देवता का अवतार मानकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इलाके में धार्मिक माहौल बन गया है और लोग इसे महाशिवरात्रि का शुभ संकेत मान रहे हैं। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि सांप शांत रहता है और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। “ऐसा लगता है जैसे वह खुद दर्शन देने आता है,” एक बुजुर्ग महिला ने कहा। शिव मंदिर परिसर में जुट रही भीड़, श्रद्धालु कर रहे पूजा-पाठ प्रतिदिन गांव और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में लोग शिव मंदिर के पास जमा हो रहे हैं। श्रद्धालु फूल, अगरबत्ती और प्रसाद लेकर पहुंच रहे हैं। कई लोग सांप की पूजा करते हुए मोबाइल से वीडियो बना रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ श्रद्धालु सांप के बिल के पास कटोरा में दूध रख रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सांप बिल से बाहर निकलकर दूध पी लेता है, जिसे देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। हालांकि विशेषज्ञ आमतौर पर बताते हैं कि सांप दूध नहीं पीते, लेकिन ग्रामीण इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। सपेरा भी हुआ असफल, और बढ़ी चर्चा घटना ने तब और ज्यादा रहस्य का रूप ले लिया जब एक सपेरा गांव पहुंचा। उसने बीन बजाकर सांप को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सांप बाहर नहीं आया। सपेरा के जाने के थोड़ी देर बाद, दोपहर 12 बजे वही सांप अपने निर्धारित समय पर बिल से बाहर निकला और दो घंटे शांत बैठने के बाद वापस चला गया। ग्रामीणों का कहना है कि सपेरा के विफल होने और सांप के निर्धारित समय पर लौटने को वे दिव्य संकेत मान रहे हैं। सांप ने अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, आस्था और बढ़ी ध्यान देने वाली बात यह है कि सांप किसी पर हमला नहीं करता और न ही आक्रामक व्यवहार दिखाता है। उससे लोगों का विश्वास और बढ़ गया है। भीड़ में मौजूद कई लोगों का कहना है कि वे ऐसे दृश्य पहली बार देख रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी बड़े उत्साह से इसे देखने आ रहे हैं। मंदिर क्षेत्र में मेला जैसा माहौल बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल, प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर लगातार लोग इसे शेयर कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी भीड़ को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की है कि सांप के ज्यादा नजदीक न जाएं तथा उसे छेड़ने की कोशिश न करें। बांका के सहायक थाना नवादा बाजार क्षेत्र के अमहारा गांव के शिव मंदिर के पास इन दिनों एक अनोखी घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हर दिन दोपहर ठीक 12 बजे एक नाग सांप अपने बिल से बाहर निकलता है। दोपहर 2 बजे तक एक ही स्थान पर फन फैलाए शांत मुद्रा में बैठा रहता है। उसके बाद वह वापस अपने बिल में समा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भी नाग का दर्शन लोगों ने किया। इसे लेकर लोगों में उत्सुकता और आस्था दोनों तेजी से बढ़ गई है। नाग के फन पर त्रिशूल का निशान! ग्रामीणों का दावा है कि सांप के फन पर त्रिशूल जैसा आकृति दिखाई देती है। कई लोग इसे भगवान शिव के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ श्रद्धालु इसे नाग देवता का अवतार मानकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इलाके में धार्मिक माहौल बन गया है और लोग इसे महाशिवरात्रि का शुभ संकेत मान रहे हैं। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि सांप शांत रहता है और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। “ऐसा लगता है जैसे वह खुद दर्शन देने आता है,” एक बुजुर्ग महिला ने कहा। शिव मंदिर परिसर में जुट रही भीड़, श्रद्धालु कर रहे पूजा-पाठ प्रतिदिन गांव और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में लोग शिव मंदिर के पास जमा हो रहे हैं। श्रद्धालु फूल, अगरबत्ती और प्रसाद लेकर पहुंच रहे हैं। कई लोग सांप की पूजा करते हुए मोबाइल से वीडियो बना रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ श्रद्धालु सांप के बिल के पास कटोरा में दूध रख रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सांप बिल से बाहर निकलकर दूध पी लेता है, जिसे देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। हालांकि विशेषज्ञ आमतौर पर बताते हैं कि सांप दूध नहीं पीते, लेकिन ग्रामीण इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। सपेरा भी हुआ असफल, और बढ़ी चर्चा घटना ने तब और ज्यादा रहस्य का रूप ले लिया जब एक सपेरा गांव पहुंचा। उसने बीन बजाकर सांप को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सांप बाहर नहीं आया। सपेरा के जाने के थोड़ी देर बाद, दोपहर 12 बजे वही सांप अपने निर्धारित समय पर बिल से बाहर निकला और दो घंटे शांत बैठने के बाद वापस चला गया। ग्रामीणों का कहना है कि सपेरा के विफल होने और सांप के निर्धारित समय पर लौटने को वे दिव्य संकेत मान रहे हैं। सांप ने अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, आस्था और बढ़ी ध्यान देने वाली बात यह है कि सांप किसी पर हमला नहीं करता और न ही आक्रामक व्यवहार दिखाता है। उससे लोगों का विश्वास और बढ़ गया है। भीड़ में मौजूद कई लोगों का कहना है कि वे ऐसे दृश्य पहली बार देख रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी बड़े उत्साह से इसे देखने आ रहे हैं। मंदिर क्षेत्र में मेला जैसा माहौल बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल, प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर लगातार लोग इसे शेयर कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी भीड़ को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की है कि सांप के ज्यादा नजदीक न जाएं तथा उसे छेड़ने की कोशिश न करें।


