पटना के जमुनीचक में रहस्यमय बीमारी,15 दिन में दो मौत:दो मरीज PMCH रेफर, बाढ़ में एक का इलाज जारी; विधायक सियाराम ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पटना के जमुनीचक में रहस्यमय बीमारी,15 दिन में दो मौत:दो मरीज PMCH रेफर, बाढ़ में एक का इलाज जारी; विधायक सियाराम ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पटना के बाढ़ अनुमंडल स्थित जमुनीचक गांव में एक रहस्यमय बीमारी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले पंद्रह दिनों में दो युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। कई और ग्रामीणों में भी समान लक्षण देखे जा रहे हैं, जिससे गांव में भय का माहौल है। मृतकों की पहचान मनीष और कुणाल के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, मरीजों को पहले पेट और सिर में तेज दर्द होता है, फिर उल्टी शुरू हो जाती है। तीन-चार दिनों में संक्रमण तेजी से बढ़ता है, चेहरा पीला पड़ जाता है और शरीर सुस्त हो जाता है। कुछ मामलों में नाक और मुंह से खून निकलने की भी बात सामने आई है। स्थानीय अस्पताल से पटना रेफर बीमारों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करने के बाद सीधे पटना रेफर किया जा रहा है। ग्रामीण इंदु देवी का कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई है या जो बीमार हैं, वे गांव से बाहर काम करने नहीं गए थे। उन्होंने ज्वाला नामक युवक का उदाहरण देते हुए बताया कि वह चापाकल से पानी भरते समय अचानक गिर पड़ा और अब उसका इलाज चल रहा है। उचित कुमार ने बताया कि 15 दिनों में दो युवकों की मौत हो चुकी है और चार का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। एक युवक की मेडिकल रिपोर्ट में लिवर, किडनी, खून और दिमाग में समस्या बताई गई थी। मौत के समय उसके मुंह और नाक से खून निकलने की बात भी सामने आई है। विधायक ने सिविल सर्जन से की बात स्थानीय विधायक डाॅ. सियाराम सिंह ने कहा कि शहरी पंचायत के जमुनीचक गांव में हुई दो मौत का कारण पता नहीं चल सका है। उन्होंने पटना के सिविल सर्जन को फोन कर मामले की जानकारी दी है। विधायक के मुताबिक, पटना से जल्द ही एक मेडिकल टीम जांच के लिए गांव पहुंचेगी। दो बच्चे अभी इलाजरत हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और आश्वासन दिया है कि बीमारी का कारण पता लगाकर तुरंत इलाज की व्यवस्था की जाएगी। जादू-टोना से लेकर निपाह तक की चर्चा रहस्यमय बीमारी के कारण गांव में दहशत का माहौल है। दूसरे टोले के लोग प्रभावित परिवारों के घरों की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं। शुरुआत में कुछ महिलाओं ने जादू-टोना की आशंका जताई और झाड़-फूंक कराई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में डॉक्टरों से संपर्क किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। गांव में कुछ लोग इसे निपाह वायरस से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गांव में भय, जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी लोगों की जांच कराने और बीमारी के कारणों का पता लगाने की मांग की है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने का इंतजार है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बीमारी का वास्तविक कारण क्या है। पटना के बाढ़ अनुमंडल स्थित जमुनीचक गांव में एक रहस्यमय बीमारी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले पंद्रह दिनों में दो युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। कई और ग्रामीणों में भी समान लक्षण देखे जा रहे हैं, जिससे गांव में भय का माहौल है। मृतकों की पहचान मनीष और कुणाल के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, मरीजों को पहले पेट और सिर में तेज दर्द होता है, फिर उल्टी शुरू हो जाती है। तीन-चार दिनों में संक्रमण तेजी से बढ़ता है, चेहरा पीला पड़ जाता है और शरीर सुस्त हो जाता है। कुछ मामलों में नाक और मुंह से खून निकलने की भी बात सामने आई है। स्थानीय अस्पताल से पटना रेफर बीमारों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करने के बाद सीधे पटना रेफर किया जा रहा है। ग्रामीण इंदु देवी का कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई है या जो बीमार हैं, वे गांव से बाहर काम करने नहीं गए थे। उन्होंने ज्वाला नामक युवक का उदाहरण देते हुए बताया कि वह चापाकल से पानी भरते समय अचानक गिर पड़ा और अब उसका इलाज चल रहा है। उचित कुमार ने बताया कि 15 दिनों में दो युवकों की मौत हो चुकी है और चार का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। एक युवक की मेडिकल रिपोर्ट में लिवर, किडनी, खून और दिमाग में समस्या बताई गई थी। मौत के समय उसके मुंह और नाक से खून निकलने की बात भी सामने आई है। विधायक ने सिविल सर्जन से की बात स्थानीय विधायक डाॅ. सियाराम सिंह ने कहा कि शहरी पंचायत के जमुनीचक गांव में हुई दो मौत का कारण पता नहीं चल सका है। उन्होंने पटना के सिविल सर्जन को फोन कर मामले की जानकारी दी है। विधायक के मुताबिक, पटना से जल्द ही एक मेडिकल टीम जांच के लिए गांव पहुंचेगी। दो बच्चे अभी इलाजरत हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और आश्वासन दिया है कि बीमारी का कारण पता लगाकर तुरंत इलाज की व्यवस्था की जाएगी। जादू-टोना से लेकर निपाह तक की चर्चा रहस्यमय बीमारी के कारण गांव में दहशत का माहौल है। दूसरे टोले के लोग प्रभावित परिवारों के घरों की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं। शुरुआत में कुछ महिलाओं ने जादू-टोना की आशंका जताई और झाड़-फूंक कराई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में डॉक्टरों से संपर्क किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। गांव में कुछ लोग इसे निपाह वायरस से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गांव में भय, जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी लोगों की जांच कराने और बीमारी के कारणों का पता लगाने की मांग की है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने का इंतजार है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बीमारी का वास्तविक कारण क्या है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *