घर पर लोहे की रॉड काटते समय ग्राइंडर मशीन से गर्दन कटने के गंभीर हादसे में घायल 38 वर्षीय सोहन को एमवाय अस्पताल (एमवायएच) के डॉक्टरों ने नई जिंदगी दी। जटिल सर्जरी और 14 दिन के इलाज के बाद सोहन पूरी तरह स्वस्थ होकर शुक्रवार को परिजन के साथ घर रवाना हो गया। यह हादसा इसी महीने 17 जनवरी को हुआ था। गोकुल नगर निवासी सोहन पिता पन्नालाल घर पर ग्राइंडर से लोहे की रॉड काट रहा था, तभी मशीन फिसल गई और उसकी गर्दन आधी कट गई। हादसे में उसकी श्वास नली और आहार नली दोनों क्षतिग्रस्त हो गई थीं। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं के तहत सर्जरी विभाग के डॉ. सुदर्शन ओड़िया के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन किया। टीम ने सफलतापूर्वक श्वास नली और आहार नली को दोबारा जोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मरीज को बेहद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। सांस लेने में अत्यधिक परेशानी के चलते कुछ समय के लिए श्वसन के लिए अलग रास्ता बनाया गया और उसे आईसीयू में भर्ती कर पांच दिन तक गहन चिकित्सा दी गई। इस दौरान मरीज को पांच यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। स्थिति में सुधार के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया गया और मुंह से आहार देना शुरू किया गया। इलाज के 10वें दिन श्वास नली निकाल दी गई, जिसके बाद उसकी आवाज पहले की तरह आने लगी। डॉक्टरों की सतत निगरानी और इलाज के बाद सोहन पूरी तरह स्वस्थ हो गया। 31 जनवरी को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर सुरक्षित घर भेज दिया गया। कैसे बची मरीज की जान, ऐसे जानिए


