Bollywood Actress: मिडिल ईस्ट में इस वक्त बारूद की गंध है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच गहराते तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। लेकिन इस युद्ध की आहट के बीच ईरान के भीतर महिलाओं की जो स्थिति है, उसने एक बार फिर मानवाधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद भड़की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि अब मशहूर ईरानी एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी ने वहां की ‘मोरैलिटी पुलिस’ के खौफनाक चेहरे को दुनिया के सामने रखा है।
एलनाज, जो ईरान में पली-बढ़ीं और बाद में जर्मनी और फिर भारत के मनोरंजन जगत (सेक्रेड गेम्स फेम) में अपनी पहचान बनाई, ने द फ्री प्रेस जर्नल के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान की सड़कों पर एक महिला होना किसी डरावने सपने जैसा है।
एलनाज ने किया मोरैलिटी पुलिस को लेकर खुलासा (Elnaaz Norouzi Recalls Being Detained By Iran Morality Police)
एलनाज ने उस घटना को याद किया जब उन्हें ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन्होंने बताया, “जब मुझे वो लोग लेकर गए तो उन्होंने मेरी प्रोफाइल के लिए अपराधियों जैसे मेरी तस्वीरें ली गई थी। वह आपका पूरा रिकॉर्ड रखते हैं ताकि ट्रैक कर सकें कि आपको कितनी बार पकड़ा गया है। मैं उस समय मानसिक रूप से मजबूत थी और मुझे पता था कि मेरे पास जर्मनी की नागरिकता है, मैं अगले दिन की फ्लाइट लेकर निकल जाऊंगी। लेकिन मेरा दिल उन लाखों महिलाओं के लिए बैठ गया जो वहीं रहती हैं और रोज इस जुल्म को सहती हैं।”
औरतों को लेकर एलनाज ने जताई चिंता (Elnaaz Norouzi on morality police in Iran)
महसा अमिनी का जिक्र करते हुए एलनाज भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि महसा अकेली नहीं थीं, ऐसी न जाने कितनी औरतें हैं जिन्हें मार दिया गया या जिनका जीवन नर्क बना दिया गया। उन्होंने कहा, “यह सोचना भी रूह कंपा देता है कि एक औरत जब अपने घर से बाहर कदम रखती है, तो उसे यह नहीं पता होता कि वह सुरक्षित घर लौटेगी या उसे पुलिस उठा ले जाएगी।”

एलनाज ने बताया बेबाकी से अपनी राय रखना का मकसद (Elnaaz Norouzi News)
जब एलनाज से पूछा गया कि क्या उन्हें ईरान के खिलाफ बोलने में डर लगता है, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता और दोस्त मेरी सुरक्षा को लेकर डरते हैं, लेकिन मुझे डर नहीं लगता। मुझे लगता है कि शायद भगवान ने मुझे इसीलिए ईरान में पैदा किया और फिर भारत में एक पब्लिक फिगर बनाया ताकि मैं अपनी आवाज का इस्तेमाल उन लोगों के लिए कर सकूं जो बोल नहीं सकते। अगर मैं दूसरों की मदद के लिए अपनी इस ताकत का इस्तेमाल न करूं, तो यह मेरी बेवकूफी होगी।”
एलनाज़ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। उनके शब्दों ने साफ कर दिया है कि ईरान की लड़ाई सिर्फ बाहरी दुश्मनों से नहीं, बल्कि अपने ही देश की महिलाओं की आजादी और हक के लिए भी है।


