सहरसा के बिहरा थाना इलाके का सोमवार तड़के का समय। सुबह के चार बज रहे थे। हल्की ठंड थी। एक मां ने जैसे ही करवट बदली, उसे बगल वाले कमरे से कराहने की आवाज सुनाई दी। आवाज ऐसी…जैसे कोई दर्द से तड़प रहा हो। पहले तो उसे लगा कि शायद बेटी बुरे सपने से डर गई हो, लेकिन जब वह कमरे में पहुंची तो जो दृश्य उसके सामने था, उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई। बेड खून से पूरी तरह भीगा था। बीच में उसकी 15 साल की बेटी पेट पकड़कर तड़प रही थी। उसकी आंखें उलट रही थीं। होंठ सूख चुके थे। वह दर्द से ऐसे कराह रही थी जैसे कोई अंदर से चीख रहा हो। मां का दिल हलक में अटक गया। वह कहती हैं, उस पल मुझे लगा कि मेरी बच्ची मेरी आंखों के सामने मर जाएगी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं, किसे पुकारूं। पूरा बेड लाल था…मेरी बच्ची तड़प रही थी मां कांपते हुए याद करती हैं, मैंने जैसे ही उसे उठाने की कोशिश की, वह दर्द से चिल्ला उठी। पूरा बिस्तर खून से तर था। मैं घबरा गई। अंदर से आवाज आई। कुछ बहुत बड़ा गलत हुआ है। उसे ये भी नहीं समझ आ रहा था कि आखिर रात भर में ऐसा क्या हो गया। वह कुछ कह भी नहीं पा रही थी। सांसें तेज चल रहीं थीं। शरीर ढीला पड़ता जा रहा था। मां कहती हैं, मैं बस इतना सोच रही थी कि कहीं मेरी बच्ची मेरे हाथों में दम न तोड़ दे। मैं उसे दौड़ते हुए पंचगछिया PHC ले गई। डॉक्टर ने कहा, आपकी बेटी प्रेग्नेंट थी। गांव में कोई वाहन नहीं मिला। मां ने पड़ोसियों को आवाज दी। किसी ने मोटरसाइकिल निकाली। किसी ने दरवाजा खोला। किसी ने दुपट्टा लाकर दिया ताकि खून कुछ कम लगे। किसी ने रास्ता दिखाया। बेटी प्रेग्नेंट है, गर्भपात में ब्लीडिंग मां ने आगे कहा, हम उसे गोद में उठाकर पड़ोसी के साथ बाइक पर लेकर भागे। वो उलझे बालों और डर से भरी आंखों में सिर्फ एक ही बात कह रही थी मम्मी दर्द हो रहा है… बचा लो.. PHC पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी में लिया। थोड़ी देर बाद डॉक्टर बाहर आया और जो उसने कहा उसे सुनकर मां का दिल टूट गया। डॉक्टर ने कहा, आपकी बेटी प्रेग्नेंट है। गर्भपात के दौरान ब्लीडिंग हो रही है। मां कहती है, मेरी सांस वहीं रुक गई। मैं चीख पड़ी मेरी बेटी सिर्फ 15 साल की है डॉक्टर, वह बच्ची है… वह मां बनने का मतलब क्या समझेगी? PHC से उसे सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस के अंदर बेटी बार-बार बेहोश हो रही थी। मां उसका माथा पकड़े हुए बस रोती जा रही थी। अस्पताल पहुंचकर जब थोड़ी देर बाद बेटी को होश आया, तो मां ने धीरे-धीरे पूछा, बेटा मुझे बता ये सब कैसे हुआ? लड़की रो-रोकर जो बोली, उसने मां की दुनिया हिला दी। दोस्त ने किया गर्भवती बेटी ने कहा, मम्मी अमरजीत अक्सर ट्रैक्टर लेकर आता था। मुस्कुराता था, मुझे घुमाने ले जाता था। उसने कहा था किसी को मत बताना, नहीं तो डांट पड़ेगी। उसने कई बार गलत काम किया। ये सुनकर मां सुन्न हो गई। आंखों में आंसू जम गए। वह कहती है, मैं दिल्ली गई थी। उसी दौरान मेरी मासूम बच्ची को बहलाकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी गई। उसे पता भी नहीं था कि वह गर्भवती है। उसने कहा मुझे लगा मैं बीमार हूं। बेटी ने रोते हुए आगे कहा, मम्मी, मुझे लगा मैं बीमार हूं। तीन महीने से मासिक नहीं आया था। जब मैंने उसको बताया तो वह डर गया और बोला तुम्हारी मां कब आएगी? लड़की ने कहा, मैंने उसे बताया शनिवार को… उसने कहा रविवार को रात में दवा खा लेना। ये सुनते ही मां दहाड़ मारकर रो पड़ी। मेरी बच्ची को ये भी नहीं पता था कि वह गर्भपात की दवा खा रही है कि इससे उसकी जान भी जा सकती है। 5000 देंगे मामला रफा-दफा करो मां बताती है, जब डॉक्टर ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है, तो मैंने अमरजीत को फोन किया। फोन की दूसरी तरफ से आवाज आई 5000 रुपये भेज देता हूं। उससे इलाज करा लेना। बाकी कुछ मत मांगिए। आरोपी ने कहा, 5000 रुपए ही मामला रफा-दफा कर दो। मां कहती है, उस वक्त मुझे लगा कि दुनिया का सबसे बड़ा गुनाहगार मेरे सामने खड़ा है। मेरी बेटी मर रही थी। वो 5000 रुपए की बात कर रहा था। उस समय मां को समझ आया, यह युवक सिर्फ अपनी गलती छुपाना चाहता है। मैंने तुरंत डायल 112 किया। पुलिस आई और बेटी को अस्पताल ले गई। फिर पुलिस उसी शाम आरोपी को पकड़ने गांव पहुंची। POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज थोड़ी देर बाद खबर मिली अमरजीत गिरफ्तार हो चुका है। उस पर POCSO, दुष्कर्म, गर्भपात कराने और जान से खिलवाड़ करने की धाराओं में FIR दर्ज कर दी गई है। सदर अस्पताल में लड़की बार-बार बेहोश हो रही थी। खून काफी बह चुका था। डॉक्टर लगातार इलाज कर रहे थे। मां के शब्द आज भी कंपा देते हैं, मेरी बच्ची बार-बार कह रही थी। मम्मी मुझे बचा लो। मम्मी मैं मर जाऊंगी। मैं कैसे देखूं उसे इस हालत में देखती? वह आंखें पोंछते हुए कहती है, मैं खुद को कोस रही हूं। काश मैं दिल्ली नहीं जाती। काश मैं उसे अकेला नहीं छोड़ती। उसे तो यह भी नहीं पता था कि मुस्कुराने वाला हर शख्स अच्छा नहीं होता। ये बच्ची है, गुनाहगार नहीं घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, कई महिलाएं अस्पताल पहुंचीं। एक महिला ने कहा, यह बच्ची है। इसे बहला-फुसलाकर उसकी जिंदगी से खेला गया है। अपराधी ने सिर्फ उसका नहीं, उसकी मां का भी सब कुछ खत्म कर दिया। गांव वालों ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है। मां की आखिरी अपील अस्पताल के बाहर बैठी यह मां हाथ जोड़कर कहती है मेरी बेटी अभी भी जिंदगी और मौत से लड़ रही है। मैं बस यही चाहती हूं कि मेरी बच्ची बच जाए। जिसने उसे इस हालत में पहुंचाया है, उसे ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन जाए। सहरसा के बिहरा थाना इलाके का सोमवार तड़के का समय। सुबह के चार बज रहे थे। हल्की ठंड थी। एक मां ने जैसे ही करवट बदली, उसे बगल वाले कमरे से कराहने की आवाज सुनाई दी। आवाज ऐसी…जैसे कोई दर्द से तड़प रहा हो। पहले तो उसे लगा कि शायद बेटी बुरे सपने से डर गई हो, लेकिन जब वह कमरे में पहुंची तो जो दृश्य उसके सामने था, उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई। बेड खून से पूरी तरह भीगा था। बीच में उसकी 15 साल की बेटी पेट पकड़कर तड़प रही थी। उसकी आंखें उलट रही थीं। होंठ सूख चुके थे। वह दर्द से ऐसे कराह रही थी जैसे कोई अंदर से चीख रहा हो। मां का दिल हलक में अटक गया। वह कहती हैं, उस पल मुझे लगा कि मेरी बच्ची मेरी आंखों के सामने मर जाएगी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं, किसे पुकारूं। पूरा बेड लाल था…मेरी बच्ची तड़प रही थी मां कांपते हुए याद करती हैं, मैंने जैसे ही उसे उठाने की कोशिश की, वह दर्द से चिल्ला उठी। पूरा बिस्तर खून से तर था। मैं घबरा गई। अंदर से आवाज आई। कुछ बहुत बड़ा गलत हुआ है। उसे ये भी नहीं समझ आ रहा था कि आखिर रात भर में ऐसा क्या हो गया। वह कुछ कह भी नहीं पा रही थी। सांसें तेज चल रहीं थीं। शरीर ढीला पड़ता जा रहा था। मां कहती हैं, मैं बस इतना सोच रही थी कि कहीं मेरी बच्ची मेरे हाथों में दम न तोड़ दे। मैं उसे दौड़ते हुए पंचगछिया PHC ले गई। डॉक्टर ने कहा, आपकी बेटी प्रेग्नेंट थी। गांव में कोई वाहन नहीं मिला। मां ने पड़ोसियों को आवाज दी। किसी ने मोटरसाइकिल निकाली। किसी ने दरवाजा खोला। किसी ने दुपट्टा लाकर दिया ताकि खून कुछ कम लगे। किसी ने रास्ता दिखाया। बेटी प्रेग्नेंट है, गर्भपात में ब्लीडिंग मां ने आगे कहा, हम उसे गोद में उठाकर पड़ोसी के साथ बाइक पर लेकर भागे। वो उलझे बालों और डर से भरी आंखों में सिर्फ एक ही बात कह रही थी मम्मी दर्द हो रहा है… बचा लो.. PHC पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी में लिया। थोड़ी देर बाद डॉक्टर बाहर आया और जो उसने कहा उसे सुनकर मां का दिल टूट गया। डॉक्टर ने कहा, आपकी बेटी प्रेग्नेंट है। गर्भपात के दौरान ब्लीडिंग हो रही है। मां कहती है, मेरी सांस वहीं रुक गई। मैं चीख पड़ी मेरी बेटी सिर्फ 15 साल की है डॉक्टर, वह बच्ची है… वह मां बनने का मतलब क्या समझेगी? PHC से उसे सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस के अंदर बेटी बार-बार बेहोश हो रही थी। मां उसका माथा पकड़े हुए बस रोती जा रही थी। अस्पताल पहुंचकर जब थोड़ी देर बाद बेटी को होश आया, तो मां ने धीरे-धीरे पूछा, बेटा मुझे बता ये सब कैसे हुआ? लड़की रो-रोकर जो बोली, उसने मां की दुनिया हिला दी। दोस्त ने किया गर्भवती बेटी ने कहा, मम्मी अमरजीत अक्सर ट्रैक्टर लेकर आता था। मुस्कुराता था, मुझे घुमाने ले जाता था। उसने कहा था किसी को मत बताना, नहीं तो डांट पड़ेगी। उसने कई बार गलत काम किया। ये सुनकर मां सुन्न हो गई। आंखों में आंसू जम गए। वह कहती है, मैं दिल्ली गई थी। उसी दौरान मेरी मासूम बच्ची को बहलाकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी गई। उसे पता भी नहीं था कि वह गर्भवती है। उसने कहा मुझे लगा मैं बीमार हूं। बेटी ने रोते हुए आगे कहा, मम्मी, मुझे लगा मैं बीमार हूं। तीन महीने से मासिक नहीं आया था। जब मैंने उसको बताया तो वह डर गया और बोला तुम्हारी मां कब आएगी? लड़की ने कहा, मैंने उसे बताया शनिवार को… उसने कहा रविवार को रात में दवा खा लेना। ये सुनते ही मां दहाड़ मारकर रो पड़ी। मेरी बच्ची को ये भी नहीं पता था कि वह गर्भपात की दवा खा रही है कि इससे उसकी जान भी जा सकती है। 5000 देंगे मामला रफा-दफा करो मां बताती है, जब डॉक्टर ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है, तो मैंने अमरजीत को फोन किया। फोन की दूसरी तरफ से आवाज आई 5000 रुपये भेज देता हूं। उससे इलाज करा लेना। बाकी कुछ मत मांगिए। आरोपी ने कहा, 5000 रुपए ही मामला रफा-दफा कर दो। मां कहती है, उस वक्त मुझे लगा कि दुनिया का सबसे बड़ा गुनाहगार मेरे सामने खड़ा है। मेरी बेटी मर रही थी। वो 5000 रुपए की बात कर रहा था। उस समय मां को समझ आया, यह युवक सिर्फ अपनी गलती छुपाना चाहता है। मैंने तुरंत डायल 112 किया। पुलिस आई और बेटी को अस्पताल ले गई। फिर पुलिस उसी शाम आरोपी को पकड़ने गांव पहुंची। POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज थोड़ी देर बाद खबर मिली अमरजीत गिरफ्तार हो चुका है। उस पर POCSO, दुष्कर्म, गर्भपात कराने और जान से खिलवाड़ करने की धाराओं में FIR दर्ज कर दी गई है। सदर अस्पताल में लड़की बार-बार बेहोश हो रही थी। खून काफी बह चुका था। डॉक्टर लगातार इलाज कर रहे थे। मां के शब्द आज भी कंपा देते हैं, मेरी बच्ची बार-बार कह रही थी। मम्मी मुझे बचा लो। मम्मी मैं मर जाऊंगी। मैं कैसे देखूं उसे इस हालत में देखती? वह आंखें पोंछते हुए कहती है, मैं खुद को कोस रही हूं। काश मैं दिल्ली नहीं जाती। काश मैं उसे अकेला नहीं छोड़ती। उसे तो यह भी नहीं पता था कि मुस्कुराने वाला हर शख्स अच्छा नहीं होता। ये बच्ची है, गुनाहगार नहीं घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, कई महिलाएं अस्पताल पहुंचीं। एक महिला ने कहा, यह बच्ची है। इसे बहला-फुसलाकर उसकी जिंदगी से खेला गया है। अपराधी ने सिर्फ उसका नहीं, उसकी मां का भी सब कुछ खत्म कर दिया। गांव वालों ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है। मां की आखिरी अपील अस्पताल के बाहर बैठी यह मां हाथ जोड़कर कहती है मेरी बेटी अभी भी जिंदगी और मौत से लड़ रही है। मैं बस यही चाहती हूं कि मेरी बच्ची बच जाए। जिसने उसे इस हालत में पहुंचाया है, उसे ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन जाए।


