‘मेरी बेटी सुसाइड नहीं कर सकती, उसका मर्डर हुआ है’:वैशाली में फंदे से लटकी मिली BPSC शिक्षिका, भाई बोला-शव को बीच नदी में फेंक दिया

‘मेरी बेटी सुसाइड नहीं कर सकती, उसका मर्डर हुआ है’:वैशाली में फंदे से लटकी मिली BPSC शिक्षिका, भाई बोला-शव को बीच नदी में फेंक दिया

‘मेरी बेटी बहुत स्ट्रॉन्ग थी। वो कभी सुसाइड नहीं कर सकती। उसका मर्डर किया गया है। सबूत मिटाने के लिए किसी ने उसके शव को लटका दिया है।’ यह कहना है BPSC शिक्षिका प्रिया भारती की मां इंद्रकला भारती का, जिसका शव फांसी के फंदे से लटका मिला है। 26 जनवरी की सुबह वैशाली के कटहरा थाना क्षेत्र में किराए के मकान में महिला टीचर मृत अवस्था में मिली है। महिला टीचर के रूम से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें टीचर ने लिखा है- ‘मम्मी-पापा सॉरी! मुझे किसी से भी कोई विवाद नहीं है। ये कोई हत्या नहीं है।’ हालांकि, इस सुसाइड नोट को लेकर महिला के परिवार वालों का कहना है कि उसमें जो सिग्नेचर किया गया है, वो लिखावट प्रिया की नहीं है। प्रिया के परिजन इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। मां का आरोप है कि दहेज के लिए मेरी बेटी की हत्या की गई है। इस पूरे मामले में पति, सास, ननद और भांजा पर इंद्रकला भारती ने FIR दर्ज करवाया है। घटना कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव की है। मृतका की पहचान जंदाहा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दीपक की पत्नी प्रिया भारती(30) के रूप में हुई है। टीचर की 3 महीने की एक बेटी है। मृतका हाई स्कूल खाजेचांद छपरा चेहरा काला प्रखंड में पोस्टेड थी। स्कूल से 2KM दूर किराए के मकान में रह रही थी। वहीं, मृतका का पति दीपक रक्सौल में ICICI बैंक में डिप्टी ब्रांच मैनेजर है। वो 23 जनवरी को घर आया था। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरा घटनाक्रम… पहले घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… संघर्षों से निकलकर बनी थी BPSC शिक्षिका मां इंद्रकला भारती ने बताया, ‘प्रिया बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन उसके सपने बड़े थे। उसे हमेशा से टीचर बनना था। ग्रेजुएशन के दौरान ही प्रिया ने परिवार का बोझ हल्का करने के लिए प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, ताकि पिता के घर खर्च में मदद कर सके। साथ ही वह BPSC की तैयारी भी करती रही।’ ‘प्रिया अक्सर कहा करती थी, मां अगर मैं BPSC शिक्षिका बन गई तो आपलोगों को किसी बात की चिंता नहीं करने दूंगी। उसकी कड़ी मेहनत रंग लाई। 2021 में प्रिया ने BPSC परीक्षा पास की और भागलपुर में सरकारी शिक्षिका के रूप में पोस्टिंग मिली। तीन साल तक उसने ईमानदारी से नौकरी की।’ शादी के बाद ट्रांसफर, अलग रहना पड़ा मां इंद्रकला भारती ने पुलिस को दिए आवेदन में लिखा है, ’16 नवंबर साल 2024 में प्रिया की शादी वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र निवासी दीपक कुमार गिरि(31) से हुई। मैंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार विवाह धूम-धाम से किया था। शादी के बाद उसने तुरंत भागलपुर से वैशाली ट्रांसफर कराया।’ ‘प्रिया चाहती थी कि वह अपनी सास के साथ रहे, लेकिन वहां पोस्टिंग नहीं मिली। इसके बाद उसे कटहरा थाना क्षेत्र के उत्क्रमित विद्यालय में नौकरी मिली। इसी कारण वह स्कूल के पास किराए के कमरे में रहने लगी।’ 7 जनवरी से बदला माहौल मां के मुताबिक, ‘7 जनवरी को प्रिया की ननद वैशाली आई और 3-4 दिन तक उसके साथ रही। इसके बाद ननद अपने मायके चली गई। इसी दौरान प्रिया की सास भी बेटी के साथ चली गई। 9 जनवरी को प्रिया अपनी एक महीने की बच्ची को लेकर कटिहार अपने मायके आई।’ ‘दो दिन बाद 12 जनवरी को वह वैशाली अपने किराए के कमरे पर लौट रही थी। इसी दौरान उसके पति दीपक का उसे फोन आया, उन्होंने प्रिया से कहा तुम 2 दिन के लिए ससुराल चली जाओ। मां और दीदी बाबू से भी मिल लेंगी। 14 जनवरी को त्योहार मना कर फिर वापस अपने रूम चली जाना। पति की बात वह टाल नहीं सकी और ससुराल चली गई।’ ‘मेरी बच्ची को सास-ननद ने छीन लिया’ ’15 जनवरी को जब प्रिया अपने रूम पर लौटने लगी, तो सास और ननद ने बच्ची को अपने पास रख लिया। प्रिया को अकेले किराए वाले कमरे पर भेज दिया। इस वजह से वो रोते हुए रूम पर आई। इसके बाद प्रिया ने मुझे फोन कर कहा, मां सास-ननद ने मेरी बेटी को अपने पास रख लिया है।’ इंद्रकला देवी ने आगे बताया, ‘मैंने उससे कहा भी तुम बच्ची को लेकर आ जाओ, लेकिन प्रिया ने मुझसे कहा, ठंड है मां, बाबू को सास के पास रहने दो। वो उसका अच्छे से ध्यान रखेगी। अगले हफ्ते उसे ले आऊंगी, लेकिन अगले सप्ताह भी सास ने बच्ची को प्रिया को नहीं दिया।’ बेटी का शव देख मां बिलख-बिलख कर रोने लगी। देखें 2 तस्वीरें… 25 जनवरी- आखिरी कॉल, जान से मारने की मिली धमकी मां इंद्रकला देवी ने आगे बताया, 2-3 महीने से उसके ससुरालवाले प्रिया को प्रताड़ित कर रहे थे। उसे मेंटल टॉर्चर कर रहे थे। 25 जनवरी को दिन में 11 बजे मुझे प्रिया का फोन आया। वह रो रही थी। उसने कहा, ‘मां, ससुराल वाले कह रहे हैं कि अगर 5 लाख रुपए और गाड़ी का पैसा लेकर मायके से नहीं आई तो मुझे जान से मार देंगे। प्रिया ने यह भी बताया कि उस दिन उसके साथ मारपीट भी की गई थी।’ इसपर मैंने प्रिया से कहा था, 26 जनवरी को हमलोग तुम्हारे पास आ रहे हैं। तुम तैयार रहना, कटिहार लेकर आ जाएंगे, लेकिन इससे पहले ही मेरी बेटी की मौत की खबर आ गई। 26 जनवरी सुबह 7:30 बजे आई मौत की सूचना प्रिया की मां ने आगे बताया, ’26 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे ससुराल पक्ष ने मुझे फोन कर बताया, आपकी बेटी की मौत हो गई है। मैंने स्पष्ट कहा कि हमारे पहुंचने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाए, लेकिन जब तक हम लोग वहां पहुंचे तब तक ससुराल पक्ष द्वारा आनन-फानन में शव को सदर अस्पताल भेज दिया गया था। अस्पताल पहुंचने पर मैंने अपनी बेटी को मृत अवस्था में देखा। उसके सिर पर गंभीर चोट/कटा हुआ जख्म स्पष्ट दिखाई दे रहा था।’ ‘दहेज के लिए पति-सास ने मिलकर मेरी बेटी को मार डाला’ ‘मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है। इसमें उसका पति दीपक(31), सास उषा देवी(60), ननद सुजाता देवी(40) और भांजा ऋषभ कुमार(19) शामिल है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं दहेज हत्या के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।’ प्रिया की मां ने बताया, 15 फरवरी को मेरे बेटे की शादी थी। इससे पहले हमलोग 28 जनवरी को गृह प्रवेश करने वाले थे, इसमें भी वो आने वाली थी। ‘प्रिया के शव को किया गया जल प्रवाहित’ प्रिया के चचेरे भाई अजित ने बताया, ‘हमलोग प्रिया का शव घर लेकर जा रहे थे। वहीं से विधि-विधान के साथ उसका दाह संस्कार करवाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही दीपक अपने कुछ आदमियों के साथ मौके पर पहुंचा। उसने हमारा रास्ता रोकते हुए प्रिया की बॉडी की डिमांड की। उनलोगों ने दबंगई दिखाते हुए शव को हमलोगों से छीन लिया।’ ‘इसके बाद कोनहारा घाट पर पहुंचकर शव को बीच नदी में ले गए और वहीं जल में प्रवाहित कर दिया। दीपक के साथ कुछ नेता लोग थे, तो कुछ पुलिस थी। इनलोगों का दबाव बनाकर हमसे ये काम करवाया गया है। करीब 50 लोग हमलोगों से बहन का लाश लेने आए थे।’ ‘स्वभाव की बहुत अच्छी थी प्रिया’ पड़ोसी सुनैना देवी ने बताया, ‘प्रिया हर दिन सुबह स्कूल जाती थी। दोपहर में आने के बाद वो एक बार शाम में सिर्फ घर से बाहर निकलती थी। उसी दौरान उससे थोड़ी बहुत बातें होती थी। प्रिया स्वभाव की बहुत अच्छी थी। हमलोगों से बहुत इज्जत के साथ बात करती थी। प्रिया के बच्चे के साथ भी हमलोग खेलते थे। 14 जनवरी से पहले तक दिया था दूध दूध वाली बीना देवी ने बताया, ‘मैं प्रिया के बगल वालों को दूध देने आती थी।’ 2 महीने पहले प्रिया ने मुझसे कहा, ‘आंटी मेरा वैशाली में ही ससुराल है। मैं आपकी बहू जैसी ही हूं। मुझे एक महीने की बेटी है।वो बाहर का ही दूध पीती है। आप मुझे हर दिन बच्ची के लिए दूध देने आ जाइएगा क्या।’ ‘मैं और मेरी नतिनी लगातार उसके घर दूध देने जाती थी। दो महीने तक दूध लेने के बाद उसने 14 जनवरी से दुध बंद कर दिया था। प्रिया ने कहा था, मैं आपका हिसाब फोन पर कर दूंगी और आपके पैसे दे दूंगी। घटना वाले दिन मैंने देखा, प्रिया का गुलाबी सिंदूर से मांग भरा हुआ है। उसका घुटना मुड़ा हुआ था। वो सीढी पर लटकी मिली थी।’ 26 जनवरी को 10 मिनट तक खटखटाया था गेट ऑटो ड्राइवर अजय कुमार ने बताया, ‘मैं हर दिन मैडम को लेकर स्कूल जाता था। उनके घर से 2KM की दूरी पर स्कूल है। वो 8 बजे स्कूल जाने के लिए निकलती थी। हर दिन की तरह 26 जनवरी को भी मैं उन्हें लेने के लिए 8 बजे घर पर गया। उस दिन उनका गेट बंद था। मैं गेट खटखटाया, लेकिन वो नहीं निकली। 10 मिनट तक इंतजार करने के बाद मैं वहां से निकल गया। 2 घंटे बाद जानकारी मिली की प्रिया मैडम ने सुसाइड कर लिया है।’ ‘मेरी बेटी बहुत स्ट्रॉन्ग थी। वो कभी सुसाइड नहीं कर सकती। उसका मर्डर किया गया है। सबूत मिटाने के लिए किसी ने उसके शव को लटका दिया है।’ यह कहना है BPSC शिक्षिका प्रिया भारती की मां इंद्रकला भारती का, जिसका शव फांसी के फंदे से लटका मिला है। 26 जनवरी की सुबह वैशाली के कटहरा थाना क्षेत्र में किराए के मकान में महिला टीचर मृत अवस्था में मिली है। महिला टीचर के रूम से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें टीचर ने लिखा है- ‘मम्मी-पापा सॉरी! मुझे किसी से भी कोई विवाद नहीं है। ये कोई हत्या नहीं है।’ हालांकि, इस सुसाइड नोट को लेकर महिला के परिवार वालों का कहना है कि उसमें जो सिग्नेचर किया गया है, वो लिखावट प्रिया की नहीं है। प्रिया के परिजन इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। मां का आरोप है कि दहेज के लिए मेरी बेटी की हत्या की गई है। इस पूरे मामले में पति, सास, ननद और भांजा पर इंद्रकला भारती ने FIR दर्ज करवाया है। घटना कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव की है। मृतका की पहचान जंदाहा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दीपक की पत्नी प्रिया भारती(30) के रूप में हुई है। टीचर की 3 महीने की एक बेटी है। मृतका हाई स्कूल खाजेचांद छपरा चेहरा काला प्रखंड में पोस्टेड थी। स्कूल से 2KM दूर किराए के मकान में रह रही थी। वहीं, मृतका का पति दीपक रक्सौल में ICICI बैंक में डिप्टी ब्रांच मैनेजर है। वो 23 जनवरी को घर आया था। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरा घटनाक्रम… पहले घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… संघर्षों से निकलकर बनी थी BPSC शिक्षिका मां इंद्रकला भारती ने बताया, ‘प्रिया बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन उसके सपने बड़े थे। उसे हमेशा से टीचर बनना था। ग्रेजुएशन के दौरान ही प्रिया ने परिवार का बोझ हल्का करने के लिए प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, ताकि पिता के घर खर्च में मदद कर सके। साथ ही वह BPSC की तैयारी भी करती रही।’ ‘प्रिया अक्सर कहा करती थी, मां अगर मैं BPSC शिक्षिका बन गई तो आपलोगों को किसी बात की चिंता नहीं करने दूंगी। उसकी कड़ी मेहनत रंग लाई। 2021 में प्रिया ने BPSC परीक्षा पास की और भागलपुर में सरकारी शिक्षिका के रूप में पोस्टिंग मिली। तीन साल तक उसने ईमानदारी से नौकरी की।’ शादी के बाद ट्रांसफर, अलग रहना पड़ा मां इंद्रकला भारती ने पुलिस को दिए आवेदन में लिखा है, ’16 नवंबर साल 2024 में प्रिया की शादी वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र निवासी दीपक कुमार गिरि(31) से हुई। मैंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार विवाह धूम-धाम से किया था। शादी के बाद उसने तुरंत भागलपुर से वैशाली ट्रांसफर कराया।’ ‘प्रिया चाहती थी कि वह अपनी सास के साथ रहे, लेकिन वहां पोस्टिंग नहीं मिली। इसके बाद उसे कटहरा थाना क्षेत्र के उत्क्रमित विद्यालय में नौकरी मिली। इसी कारण वह स्कूल के पास किराए के कमरे में रहने लगी।’ 7 जनवरी से बदला माहौल मां के मुताबिक, ‘7 जनवरी को प्रिया की ननद वैशाली आई और 3-4 दिन तक उसके साथ रही। इसके बाद ननद अपने मायके चली गई। इसी दौरान प्रिया की सास भी बेटी के साथ चली गई। 9 जनवरी को प्रिया अपनी एक महीने की बच्ची को लेकर कटिहार अपने मायके आई।’ ‘दो दिन बाद 12 जनवरी को वह वैशाली अपने किराए के कमरे पर लौट रही थी। इसी दौरान उसके पति दीपक का उसे फोन आया, उन्होंने प्रिया से कहा तुम 2 दिन के लिए ससुराल चली जाओ। मां और दीदी बाबू से भी मिल लेंगी। 14 जनवरी को त्योहार मना कर फिर वापस अपने रूम चली जाना। पति की बात वह टाल नहीं सकी और ससुराल चली गई।’ ‘मेरी बच्ची को सास-ननद ने छीन लिया’ ’15 जनवरी को जब प्रिया अपने रूम पर लौटने लगी, तो सास और ननद ने बच्ची को अपने पास रख लिया। प्रिया को अकेले किराए वाले कमरे पर भेज दिया। इस वजह से वो रोते हुए रूम पर आई। इसके बाद प्रिया ने मुझे फोन कर कहा, मां सास-ननद ने मेरी बेटी को अपने पास रख लिया है।’ इंद्रकला देवी ने आगे बताया, ‘मैंने उससे कहा भी तुम बच्ची को लेकर आ जाओ, लेकिन प्रिया ने मुझसे कहा, ठंड है मां, बाबू को सास के पास रहने दो। वो उसका अच्छे से ध्यान रखेगी। अगले हफ्ते उसे ले आऊंगी, लेकिन अगले सप्ताह भी सास ने बच्ची को प्रिया को नहीं दिया।’ बेटी का शव देख मां बिलख-बिलख कर रोने लगी। देखें 2 तस्वीरें… 25 जनवरी- आखिरी कॉल, जान से मारने की मिली धमकी मां इंद्रकला देवी ने आगे बताया, 2-3 महीने से उसके ससुरालवाले प्रिया को प्रताड़ित कर रहे थे। उसे मेंटल टॉर्चर कर रहे थे। 25 जनवरी को दिन में 11 बजे मुझे प्रिया का फोन आया। वह रो रही थी। उसने कहा, ‘मां, ससुराल वाले कह रहे हैं कि अगर 5 लाख रुपए और गाड़ी का पैसा लेकर मायके से नहीं आई तो मुझे जान से मार देंगे। प्रिया ने यह भी बताया कि उस दिन उसके साथ मारपीट भी की गई थी।’ इसपर मैंने प्रिया से कहा था, 26 जनवरी को हमलोग तुम्हारे पास आ रहे हैं। तुम तैयार रहना, कटिहार लेकर आ जाएंगे, लेकिन इससे पहले ही मेरी बेटी की मौत की खबर आ गई। 26 जनवरी सुबह 7:30 बजे आई मौत की सूचना प्रिया की मां ने आगे बताया, ’26 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे ससुराल पक्ष ने मुझे फोन कर बताया, आपकी बेटी की मौत हो गई है। मैंने स्पष्ट कहा कि हमारे पहुंचने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाए, लेकिन जब तक हम लोग वहां पहुंचे तब तक ससुराल पक्ष द्वारा आनन-फानन में शव को सदर अस्पताल भेज दिया गया था। अस्पताल पहुंचने पर मैंने अपनी बेटी को मृत अवस्था में देखा। उसके सिर पर गंभीर चोट/कटा हुआ जख्म स्पष्ट दिखाई दे रहा था।’ ‘दहेज के लिए पति-सास ने मिलकर मेरी बेटी को मार डाला’ ‘मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है। इसमें उसका पति दीपक(31), सास उषा देवी(60), ननद सुजाता देवी(40) और भांजा ऋषभ कुमार(19) शामिल है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं दहेज हत्या के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।’ प्रिया की मां ने बताया, 15 फरवरी को मेरे बेटे की शादी थी। इससे पहले हमलोग 28 जनवरी को गृह प्रवेश करने वाले थे, इसमें भी वो आने वाली थी। ‘प्रिया के शव को किया गया जल प्रवाहित’ प्रिया के चचेरे भाई अजित ने बताया, ‘हमलोग प्रिया का शव घर लेकर जा रहे थे। वहीं से विधि-विधान के साथ उसका दाह संस्कार करवाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही दीपक अपने कुछ आदमियों के साथ मौके पर पहुंचा। उसने हमारा रास्ता रोकते हुए प्रिया की बॉडी की डिमांड की। उनलोगों ने दबंगई दिखाते हुए शव को हमलोगों से छीन लिया।’ ‘इसके बाद कोनहारा घाट पर पहुंचकर शव को बीच नदी में ले गए और वहीं जल में प्रवाहित कर दिया। दीपक के साथ कुछ नेता लोग थे, तो कुछ पुलिस थी। इनलोगों का दबाव बनाकर हमसे ये काम करवाया गया है। करीब 50 लोग हमलोगों से बहन का लाश लेने आए थे।’ ‘स्वभाव की बहुत अच्छी थी प्रिया’ पड़ोसी सुनैना देवी ने बताया, ‘प्रिया हर दिन सुबह स्कूल जाती थी। दोपहर में आने के बाद वो एक बार शाम में सिर्फ घर से बाहर निकलती थी। उसी दौरान उससे थोड़ी बहुत बातें होती थी। प्रिया स्वभाव की बहुत अच्छी थी। हमलोगों से बहुत इज्जत के साथ बात करती थी। प्रिया के बच्चे के साथ भी हमलोग खेलते थे। 14 जनवरी से पहले तक दिया था दूध दूध वाली बीना देवी ने बताया, ‘मैं प्रिया के बगल वालों को दूध देने आती थी।’ 2 महीने पहले प्रिया ने मुझसे कहा, ‘आंटी मेरा वैशाली में ही ससुराल है। मैं आपकी बहू जैसी ही हूं। मुझे एक महीने की बेटी है।वो बाहर का ही दूध पीती है। आप मुझे हर दिन बच्ची के लिए दूध देने आ जाइएगा क्या।’ ‘मैं और मेरी नतिनी लगातार उसके घर दूध देने जाती थी। दो महीने तक दूध लेने के बाद उसने 14 जनवरी से दुध बंद कर दिया था। प्रिया ने कहा था, मैं आपका हिसाब फोन पर कर दूंगी और आपके पैसे दे दूंगी। घटना वाले दिन मैंने देखा, प्रिया का गुलाबी सिंदूर से मांग भरा हुआ है। उसका घुटना मुड़ा हुआ था। वो सीढी पर लटकी मिली थी।’ 26 जनवरी को 10 मिनट तक खटखटाया था गेट ऑटो ड्राइवर अजय कुमार ने बताया, ‘मैं हर दिन मैडम को लेकर स्कूल जाता था। उनके घर से 2KM की दूरी पर स्कूल है। वो 8 बजे स्कूल जाने के लिए निकलती थी। हर दिन की तरह 26 जनवरी को भी मैं उन्हें लेने के लिए 8 बजे घर पर गया। उस दिन उनका गेट बंद था। मैं गेट खटखटाया, लेकिन वो नहीं निकली। 10 मिनट तक इंतजार करने के बाद मैं वहां से निकल गया। 2 घंटे बाद जानकारी मिली की प्रिया मैडम ने सुसाइड कर लिया है।’  

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