बिजनौर में आज दर्जनों मुस्लिम धर्मगुरुओं और उलेमाओं ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर जिले में आने वाली जमातों पर पुलिस द्वारा लगाई जा रही रोक के मामले में समाधान की मांग की। एसपी ग्रामीण ने उनकी बात सुनी और जल्द बैठक कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। दरअसल, जमीयत उलेमा ए हिंद और जमात के पदाधिकारियों सहित मुस्लिम समाज के कई उलेमा पुलिस द्वारा धार्मिक प्रचार के लिए आ रही जमातों पर रोक लगाने और उन्हें परेशान करने के मामले को लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे थे। वे पहले बिजनौर के एसपी अभिषेक झा से मिलने पहुंचे, जिन्होंने उन्हें एसपी ग्रामीण से मिलने का निर्देश दिया। इसके बाद सभी प्रतिनिधि एसपी ग्रामीण प्रकाश कुमार से मिले और अपनी समस्या बताई। प्रतिनिधियों ने एसपी ग्रामीण को बताया कि पुलिस और प्रशासन द्वारा जमातों को लगातार परेशान किया जा रहा है। नगीना के शहर इमाम मुफ्ती ओवैस अकरम ने मीडिया को जानकारी दी कि जिले भर में बाहर से आने वाली और स्थानीय जमातों को रात में पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा था, जिससे उन्हें काफी दिक्कतें आ रही थीं। मुफ्ती ओवैस अकरम के अनुसार, एसपी ग्रामीण ने उनकी पूरी बात ध्यान से सुनी और कुछ निर्देश जारी किए। इन निर्देशों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, जमात में शामिल लोगों का पूरा रजिस्टर बनाए रखने और रिकॉर्ड दर्ज करने जैसे उपाय शामिल हैं। एसपी ग्रामीण ने यह भी आश्वासन दिया कि वे दो-तीन दिन के भीतर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ एक बैठक करेंगे और इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेंगे। इस अवसर पर नगीना के शहर इमाम मुफ्ती ओवैस अकरम, मुफ्ती शमसुद्दीन, मुफ्ती गुलसीताब एडवोकेट, झालू के पूर्व चेयरमैन शहजाद अहमद, मुफ्ती अरशद, असलम, राशिद, मुफ्ती वसीम, मुफ्ती फौजान मंडावर और दानिश चौधरी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।


