बसंत पंचमी पर भोजशाला में नमाज व्यवस्था से मुस्लिम समाज को आपत्ति, प्रशासन पर गंभीर आरोप

बसंत पंचमी पर भोजशाला में नमाज व्यवस्था से मुस्लिम समाज को आपत्ति, प्रशासन पर गंभीर आरोप

Dhar News : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी पर हिंदू समाज ने दिनभर पूजा-अर्चना की, जबकि जुमे की नमाज के वक्त मुस्लिम समुदाय को प्रशासन की गहन निगरानी में नमाज अदा कराई गई। अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष की ओर से पढ़ाई गई नमाज पर आपत्ति दर्ज कराई है।

कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट में मामले के याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए डमी नमाज पढ़वाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि, मस्जिद में ऐसे लोगों को नमाज पढ़वाई गई, जो धार के स्थानीय निवासी ही नहीं थे।

13 लोगों को बंदी बनाने का आरोप

अब्दुल समद के आरोप के मुताबिक, जिन्हें नमाज पढ़ाई गई वो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि, उनके समाज के 13 लोगों को बंदी बनाकर रखा गया। मामले में समाज के जिम्मेदार पदाधिकारियों और याचिकाकर्ताओं से कोई संपर्क ही नहीं किया गया। हमने हमेशा प्रशासन को सहयोग किया, लेकिन प्रशासन ने उनके साथ भेदभाव किया है।

‘जिस स्थान पर नमाज पढ़वाई, वो भोजशाला परिसर ही नहीं’

उन्होंने आगे कहा कि, विरोध करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार के लिए वो न्यायालय की शरण लेकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। प्रशासन ने कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। जिस स्थान पर नमाज पढ़वाई गई, वो भोजशाला का परिसर ही नहीं है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने प्रशासन को गलत जानकारी दी है। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है कि, वसंत पंचमी पर सारे कार्य उच्चतम न्यायालय के निर्देश के आधार पर ही किए गए हैं।

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