अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर शहर में मुस्लिम समाज के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम संगठनों ने ईरान के समर्थन और इज़राइल के विरोध में आवाज उठाते हुए इस बार ईद सादगी से मनाने की अपील की है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा हालात में खुशी के दिखावे से बचते हुए लोगों को सादगी के साथ त्योहार मनाना चाहिए। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्लाह खामेनेई की मौत को लेकर समाज में गहरा आक्रोश है। उनके सम्मान में ईद की नमाज के दौरान लोगों से बाजू पर काली पट्टी बांधकर श्रद्धांजलि देने की अपील की गई है। जुमे की नमाज के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। उनका आरोप है कि अमेरिका और इज़राइल की नीतियों के कारण कई देशों में संघर्ष की स्थिति बनी है। इसी के विरोध में समाज के लोगों से ईद के दिन सादगी से त्योहार मनाने का आग्रह किया गया है। ईद की नमाज के लिए जाते समय काली पट्टी बांधकर जाएं ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में मासूम लोगों की मौत हुई है, इसलिए इस बार ईद को बेहद सादगी से मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज के लिए जाते समय लोग अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर जाएं। उनके अनुसार यह अयातुल्लाह खामेनेई को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और शांति व इंसाफ की मांग का प्रतीक भी बनेगा। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनस खान ने कहा कि संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि दुनिया में “राजनीतिक आतंकवाद” का एक नया स्वरूप सामने आया है, जिसमें शक्तिशाली देश अपने हितों के लिए कमजोर देशों पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने देश के मुसलमानों से अपील की कि ईद की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं और अमन बनाए रखें।


