बक्सर जिले में ईद-उल-फितर का पर्व इस वर्ष हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश में अमन-चैन, समाज की तरक्की और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान हर तरफ खुशियों और आपसी सौहार्द्र का माहौल देखने को मिला। बच्चों में ईद को लेकर विशेष उत्साह था, वे नए कपड़े पहनकर और हाथों में चूड़ियां सजाकर ईदगाह पहुंचे। नमाज के बाद घरों में सेवईं, खीर और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई गईं। जामा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे लोग बक्सर नगर में अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोग जामा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे। इसके अतिरिक्त, अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में भी बड़ी संख्या में नमाजियों की भीड़ देखी गई। स्थानीय नागरिक मो. एजाज के अनुसार, नगर के लगभग 75 प्रतिशत मुस्लिम जामा मस्जिद में नमाज अदा करते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ते हैं। ईद के इस अवसर पर सामाजिक समरसता की मिसाल भी पेश की गई। बड़ी मस्जिद के सदस्य अल्ताफ हुसैन ने बताया कि ईद का पर्व प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश देता है, जिसे बक्सर में हिंदू-मुस्लिम समुदाय मिलकर मनाते हैं। तम्मन्ना खान ने कहा कि यह त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाता है और आपसी रिश्तों को मजबूत करता है। मस्जिदों के बाहर समाजसेवी रहे मौजूद रिजवान खान ने भी लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए इसे अमन, मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक बताया। मस्जिदों के बाहर नगर परिषद और नगर पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कई समाजसेवी भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर सामाजिक एकता और सद्भाव का परिचय दिया। इस दौरान त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। बक्सर के डीएसपी गौरव पाण्डेय और सदर एसडीओ अविनाश कुमार ने अन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों के पास पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जिससे लोग निर्भीक होकर त्योहार मना सके। प्रशासन द्वारा पहले से ही नमाज का समय निर्धारित कर दिया गया था, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। बक्सर जिले में ईद-उल-फितर का पर्व इस वर्ष हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश में अमन-चैन, समाज की तरक्की और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान हर तरफ खुशियों और आपसी सौहार्द्र का माहौल देखने को मिला। बच्चों में ईद को लेकर विशेष उत्साह था, वे नए कपड़े पहनकर और हाथों में चूड़ियां सजाकर ईदगाह पहुंचे। नमाज के बाद घरों में सेवईं, खीर और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई गईं। जामा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे लोग बक्सर नगर में अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोग जामा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे। इसके अतिरिक्त, अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में भी बड़ी संख्या में नमाजियों की भीड़ देखी गई। स्थानीय नागरिक मो. एजाज के अनुसार, नगर के लगभग 75 प्रतिशत मुस्लिम जामा मस्जिद में नमाज अदा करते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ते हैं। ईद के इस अवसर पर सामाजिक समरसता की मिसाल भी पेश की गई। बड़ी मस्जिद के सदस्य अल्ताफ हुसैन ने बताया कि ईद का पर्व प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश देता है, जिसे बक्सर में हिंदू-मुस्लिम समुदाय मिलकर मनाते हैं। तम्मन्ना खान ने कहा कि यह त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाता है और आपसी रिश्तों को मजबूत करता है। मस्जिदों के बाहर समाजसेवी रहे मौजूद रिजवान खान ने भी लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए इसे अमन, मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक बताया। मस्जिदों के बाहर नगर परिषद और नगर पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कई समाजसेवी भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर सामाजिक एकता और सद्भाव का परिचय दिया। इस दौरान त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। बक्सर के डीएसपी गौरव पाण्डेय और सदर एसडीओ अविनाश कुमार ने अन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों के पास पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जिससे लोग निर्भीक होकर त्योहार मना सके। प्रशासन द्वारा पहले से ही नमाज का समय निर्धारित कर दिया गया था, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही।


