मशरूम क्लस्टर-जीविका दीदी मशरूम हट का निरीक्षण:बेगूसराय डीएम ने कहा- समय पर काम पूरा कर क्लस्टर को बनाएं जिले का मॉडल

मशरूम क्लस्टर-जीविका दीदी मशरूम हट का निरीक्षण:बेगूसराय डीएम ने कहा- समय पर काम पूरा कर क्लस्टर को बनाएं जिले का मॉडल

ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा के दौरान डीएम श्रीकांत शास्त्री ने आज बेगूसराय के मटिहानी प्रखंड स्थित मशरूम क्लस्टर और जीविका दीदियों की ओर से संचालित मशरूम हट का स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजना के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की प्रगति, लागत संरचना और भविष्य की संभावनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। डीएम ने जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक एवं उपस्थित दीदियों से संवाद करते हुए योजना की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों की भागीदारी, उत्पादन क्षमता, विपणन व्यवस्था और आयवर्धन के संभावित प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करते हुए मशरूम क्लस्टर को जल्द क्रियाशील बनाया जाए। जिससे ग्रामीण महिलाओं को सतत आजीविका का सशक्त माध्यम उपलब्ध हो सके। कार्यकारी एजेंसी स्मार्ट ग्रैविटी एग्रोटेक को शेष बचे निर्माण और तकनीकी कार्यों को अधिकतम एक माह के भीतर पूरा करने तथा उत्पादन गतिविधियों को प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया। गुणवत्ता मानकों के पालन, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षण व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि हो रही निरीक्षण के दौरान जीविका से जुड़ी दीदियों ने मशरूम उत्पादन से प्राप्त हो रहे लाभ, कम लागत में अधिक आय की संभावनाएं, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन तथा पोषण सुरक्षा में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। जीविका दीदियों ने बताया कि संगठित रूप से मशरूम उत्पादन किए जाने से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि हो रही है। परिवार की आय में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। डीएम ने दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, विपणन सहयोग और वित्तीय समन्वय की सभी आवश्यक व्यवस्था समय पर किया जाए। जिससे यह पहल जिले में एक सफल मॉडल के रूप में स्थापित हो सके। मौके पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अविनाश कुमार ने जीविका की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादक समूह में कुल 23 दीदियां जुड़ी हुई हैं और मशरूम उत्पादन कार्य के लिए संरचना निर्माण का कार्य भगवत ग्रैविटी की ओर से किया जा रहा है। इस दौरान मटिहानी बीडीओ, कृषि प्रबंधक और प्रखंड परियोजना प्रबंधक सहित अन्य उपस्थित थे। ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा के दौरान डीएम श्रीकांत शास्त्री ने आज बेगूसराय के मटिहानी प्रखंड स्थित मशरूम क्लस्टर और जीविका दीदियों की ओर से संचालित मशरूम हट का स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजना के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की प्रगति, लागत संरचना और भविष्य की संभावनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। डीएम ने जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक एवं उपस्थित दीदियों से संवाद करते हुए योजना की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों की भागीदारी, उत्पादन क्षमता, विपणन व्यवस्था और आयवर्धन के संभावित प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करते हुए मशरूम क्लस्टर को जल्द क्रियाशील बनाया जाए। जिससे ग्रामीण महिलाओं को सतत आजीविका का सशक्त माध्यम उपलब्ध हो सके। कार्यकारी एजेंसी स्मार्ट ग्रैविटी एग्रोटेक को शेष बचे निर्माण और तकनीकी कार्यों को अधिकतम एक माह के भीतर पूरा करने तथा उत्पादन गतिविधियों को प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया। गुणवत्ता मानकों के पालन, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षण व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि हो रही निरीक्षण के दौरान जीविका से जुड़ी दीदियों ने मशरूम उत्पादन से प्राप्त हो रहे लाभ, कम लागत में अधिक आय की संभावनाएं, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन तथा पोषण सुरक्षा में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। जीविका दीदियों ने बताया कि संगठित रूप से मशरूम उत्पादन किए जाने से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि हो रही है। परिवार की आय में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। डीएम ने दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, विपणन सहयोग और वित्तीय समन्वय की सभी आवश्यक व्यवस्था समय पर किया जाए। जिससे यह पहल जिले में एक सफल मॉडल के रूप में स्थापित हो सके। मौके पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अविनाश कुमार ने जीविका की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादक समूह में कुल 23 दीदियां जुड़ी हुई हैं और मशरूम उत्पादन कार्य के लिए संरचना निर्माण का कार्य भगवत ग्रैविटी की ओर से किया जा रहा है। इस दौरान मटिहानी बीडीओ, कृषि प्रबंधक और प्रखंड परियोजना प्रबंधक सहित अन्य उपस्थित थे।  

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