दमोह जिला न्यायालय के सभी अधिवक्ता सोमवार को अपने कार्य से विरत रहे। शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की हत्या के विरोध में यह कार्य बहिष्कार किया गया, जिससे पक्षकारों को परेशानी हुई। यह कार्य बहिष्कार मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर किया गया। दमोह जिला अधिवक्ता संघ के समस्त अधिवक्तागणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। इसमें अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग प्रमुख थी। सोमवार को कई पक्षकार अपने मामलों की सुनवाई के लिए न्यायालय पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण उनकी पेशी नहीं हो सकी और उन्हें वापस लौटना पड़ा। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज ने बताया कि 14 फरवरी को शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को तत्काल लागू करने की मांग की। साथ ही, मृतक अधिवक्ता के परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी और उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई। न्यायालय पहुंचे एक पक्षकार दिलीप कुमार गर्ग ने बताया कि वे अपने काम से आए थे, लेकिन उन्हें पता चला कि अधिवक्ता आज कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्हें लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद वे निराश होकर लौट गए।


