पटना में गोपालपुर थाना अंतर्गत शाहपुर गांव में रिसेप्शन पार्टी में न दो भाइयों की गोली मारकर 22 फरवरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पटना पुलिस ने खुलासा किया है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया, 6 बीघा जमीन को लेकर वर्ष 1933 से विवाद चल रहा था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 72 करोड़ रुपए है। हत्या से चार महीने पहले कोर्ट का फैसला मृतक के पक्ष में आ गया था। इसके बाद दूसरे पक्षों ने हत्या की प्लानिंग बनानी शुरू की। दूसरे पक्ष को लग रहा था कि हत्या कर देने के बाद दोबारा से जमीन उनकी हो जाएगी। इसी प्रतिशोध में दूसरे पक्ष ने दावत के दिन दोनों भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी। दूसरे पक्ष के अमरजीत ने पूरी प्लानिंग की चंदन समेत 6-7 अन्य जानने वालों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। चंदन और अमरजीत को फिलहाल पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना को अंजाम देने में 5 से 6 कट्टा का इस्तेमाल किया गया था। घटना को अंजाम देने के बाद राज्य छोड़कर भागे थे परिचय कुमार ने आगे बताया, घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी राज्य छोड़कर भाग गए। कुछ को झारखंड में भी लोकेट किया गया था। अमरजीत और चंदन को भोजपुरी में लॉकेट किया गया था। वहां से पूछताछ के लिए पटना लाया गया। जिसमें इन लोगों ने पूरा खुलासा किया। 18 लोगों को बनाया गया था नामजद इस घटना के बाद मृतक पक्ष के लोगों ने 18 लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। हालांकि सभी इसमें से शामिल नहीं थे। अभी भी इस घटना में शामिल 5 से 6 आरोपी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 3000 में खरीदा कट्टा पुलिस की पूछताछ में चंदन और अमरजीत दोनों आरोपियों ने बताया है कि ₹3000 में कट्टा जानने वाले से खरीदा था, और कुछ पुराने कटे भी पास रखे थे। इसी से वारदात को अंजाम दिया गया था। पार्टी में विवाद बढ़ने पर की थी फायरिंग उस दिन प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था, रात करीब 9 बजे दोनों भाई गांव के ही दौलत राय के बेटे विक्की की रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने गए थे। खेत में पंडाल लगाकर भोज का आयोजन किया गया था, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। भोज के दौरान अचानक 10-12 हमलावरों आ धमके और उन्हें घेर लिया। इसके बाद किसी बात को लेकर विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने हथियार निकालकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। घटना के दौरान 24 राउंड से अधिक फायरिंग हुई। इससे समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों भाईयों के सिर और सीने में गोली मारी गई। मनीष की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल मंजीत को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई थी। पटना में गोपालपुर थाना अंतर्गत शाहपुर गांव में रिसेप्शन पार्टी में न दो भाइयों की गोली मारकर 22 फरवरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पटना पुलिस ने खुलासा किया है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया, 6 बीघा जमीन को लेकर वर्ष 1933 से विवाद चल रहा था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 72 करोड़ रुपए है। हत्या से चार महीने पहले कोर्ट का फैसला मृतक के पक्ष में आ गया था। इसके बाद दूसरे पक्षों ने हत्या की प्लानिंग बनानी शुरू की। दूसरे पक्ष को लग रहा था कि हत्या कर देने के बाद दोबारा से जमीन उनकी हो जाएगी। इसी प्रतिशोध में दूसरे पक्ष ने दावत के दिन दोनों भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी। दूसरे पक्ष के अमरजीत ने पूरी प्लानिंग की चंदन समेत 6-7 अन्य जानने वालों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। चंदन और अमरजीत को फिलहाल पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना को अंजाम देने में 5 से 6 कट्टा का इस्तेमाल किया गया था। घटना को अंजाम देने के बाद राज्य छोड़कर भागे थे परिचय कुमार ने आगे बताया, घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी राज्य छोड़कर भाग गए। कुछ को झारखंड में भी लोकेट किया गया था। अमरजीत और चंदन को भोजपुरी में लॉकेट किया गया था। वहां से पूछताछ के लिए पटना लाया गया। जिसमें इन लोगों ने पूरा खुलासा किया। 18 लोगों को बनाया गया था नामजद इस घटना के बाद मृतक पक्ष के लोगों ने 18 लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। हालांकि सभी इसमें से शामिल नहीं थे। अभी भी इस घटना में शामिल 5 से 6 आरोपी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 3000 में खरीदा कट्टा पुलिस की पूछताछ में चंदन और अमरजीत दोनों आरोपियों ने बताया है कि ₹3000 में कट्टा जानने वाले से खरीदा था, और कुछ पुराने कटे भी पास रखे थे। इसी से वारदात को अंजाम दिया गया था। पार्टी में विवाद बढ़ने पर की थी फायरिंग उस दिन प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था, रात करीब 9 बजे दोनों भाई गांव के ही दौलत राय के बेटे विक्की की रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने गए थे। खेत में पंडाल लगाकर भोज का आयोजन किया गया था, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। भोज के दौरान अचानक 10-12 हमलावरों आ धमके और उन्हें घेर लिया। इसके बाद किसी बात को लेकर विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने हथियार निकालकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। घटना के दौरान 24 राउंड से अधिक फायरिंग हुई। इससे समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों भाईयों के सिर और सीने में गोली मारी गई। मनीष की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल मंजीत को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई थी।


