सहरसा के सिमराहा चौक के पास 18 फरवरी को हुई 13 वर्षीय बालक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह वारदात जमीन पर आवागमन (रास्ते) को लेकर चल रहे पुराने विवाद के कारण हुई थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, हेलमेट और वारदात के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद मृतक के पिता के लिखित आवेदन पर सदर थाना में अज्ञात के खिलाफ कांड संख्या 186/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और डीआईयू की सहायता से वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। दो भाइयों संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को गिरफ्तार किया
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। चश्मदीदों के बयानों और फुटेज के गहन विश्लेषण के आधार पर मुख्य आरोपी पवन कुमार की पहचान हुई। पवन कुमार सिमराहा के वार्ड नंबर 35 निवासी सुधाकर ठाकुर का पुत्र है। पुलिस ने छापेमारी कर सिमराहा स्थित उनके घर से पवन के दो भाइयों संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी पवन कुमार को खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के रोहियार गांव से पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी के समय घटना में पहने गए कपड़े और हेलमेट बरामद किए गए। मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मृतक के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीन पर रास्ते को लेकर उनका पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रची। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बसनही से एक ‘राइडर’ बाइक, एक अपाचे मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। एक फरार सहयोगी के कपड़े मधेपुरा जिले के पुरैनी से बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और उनके खिलाफ इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहरसा के सिमराहा चौक के पास 18 फरवरी को हुई 13 वर्षीय बालक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह वारदात जमीन पर आवागमन (रास्ते) को लेकर चल रहे पुराने विवाद के कारण हुई थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, हेलमेट और वारदात के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद मृतक के पिता के लिखित आवेदन पर सदर थाना में अज्ञात के खिलाफ कांड संख्या 186/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और डीआईयू की सहायता से वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। दो भाइयों संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को गिरफ्तार किया
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। चश्मदीदों के बयानों और फुटेज के गहन विश्लेषण के आधार पर मुख्य आरोपी पवन कुमार की पहचान हुई। पवन कुमार सिमराहा के वार्ड नंबर 35 निवासी सुधाकर ठाकुर का पुत्र है। पुलिस ने छापेमारी कर सिमराहा स्थित उनके घर से पवन के दो भाइयों संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी पवन कुमार को खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के रोहियार गांव से पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी के समय घटना में पहने गए कपड़े और हेलमेट बरामद किए गए। मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मृतक के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीन पर रास्ते को लेकर उनका पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रची। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बसनही से एक ‘राइडर’ बाइक, एक अपाचे मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। एक फरार सहयोगी के कपड़े मधेपुरा जिले के पुरैनी से बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और उनके खिलाफ इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


