किशनगंज में बाल मंदिर विद्यालय की छात्रा हर्षिता कुमारी की मौत से जुड़े मामले में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। छात्रा की मौत के आरोपी पूर्व सचिव गोविंद बहानी को दोबारा विद्यालय ट्रस्ट में शामिल किया गया है। इससे छात्रा के पेरेंट्स में नाराजगी देखी जा रही है। शुक्रवार को मृतका के पिता आशीष कुमार गुप्ता ने जिला पदाधिकारी विशाल राज को आवेदन सौंपकर इस फैसले को नियमों का खुला उल्लंघन बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना से जुड़ा एक ऑडियो भी सामने आया है। इसमें स्कूल के दो टीचर आपस में बच्ची को फेल किसने किया इसकी डिटेलिंग में बात हो रही है। पढ़िए पूरा मामला। हत्याकांड में आरोपी रहते ट्रस्ट में एंट्री पर सवाल मृतका के पिता द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि किशनगंज थाना कांड संख्या 215/19 के तहत हर्षिता कुमारी हत्याकांड में गोविंद बहानी आरोपी हैं और मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्हें फिर से स्कूल ट्रस्ट में शामिल करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गोविंद बहानी को पूर्व में जिला प्रशासन के आदेश पर दो बार ट्रस्ट से हटाया जा चुका है, इसके बावजूद गोपनीय तरीके से उन्हें फिर से ट्रस्टी बना दिया गया। ऑडियो साक्ष्य सौंप कर लगाए गंभीर आरोप मृतका के पिता ने जिला पदाधिकारी को एक ऑडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराया है, जिसमें तत्कालीन एडमिनिस्ट्रेटर अजय वेद और वाइस प्रिंसिपल संजय साहा की बातचीत रिकॉर्ड है। इस बातचीत में स्पष्ट रूप से यह बात सामने आती है कि शिक्षकों द्वारा हर्षिता को परीक्षा में उत्तीर्ण कर दिया गया था, लेकिन तत्कालीन सचिव गोविंद बहानी द्वारा दोबारा कॉपी जांच कर उसे फेल घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव और अपमान से आहत होकर हर्षिता ने आत्मघाती कदम उठाया। 2019 में छात्रा ने की थी आत्महत्या गौरतलब है कि वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की छात्रा हर्षिता गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि वह 11वीं की परीक्षा में फेल किए जाने से बेहद आहत थी। घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया था और बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था। आंदोलन के बाद जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में तत्कालीन सचिव गोविंद बहानी को दोषी पाया गया था, जिसके बाद उन्हें सचिव पद से हटाया गया था। CBSE मान्यता प्राप्त स्कूल में मिली थीं गंभीर खामियां बाल मंदिर विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। प्रशासनिक जांच में स्कूल प्रबंधन की कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद तत्कालीन जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय में सुधार के सख्त निर्देश भी दिए गए थे। हर्षिता की मौत के बाद परिजनों ने गोविंद बहानी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई आज भी न्यायालय में चल रही है। फिर से सचिव बनाने की तैयारी? बढ़ा आक्रोश सूत्रों के अनुसार, विद्यालय ट्रस्ट गोविंद बहानी को पुनः सचिव पद पर लाने की तैयारी कर रहा है। इस जानकारी के सामने आने के बाद परिजनों और शहरवासियों में आक्रोश और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि एक आरोपी व्यक्ति का ट्रस्ट में बने रहना न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है, बल्कि इससे निष्पक्ष जांच भी प्रभावित हो सकती है। डीएम ने जांच का दिया आश्वासन इस मामले में जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि परिजनों द्वारा आवेदन दिया गया है, जिसमें सीबीएसई के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग अभिभावकों और शहरवासियों का कहना है कि स्कूल ट्रस्ट द्वारा छात्राओं और अभिभावकों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उनकी मांग है कि गोविंद बहानी को तत्काल ट्रस्ट से हटाया जाए, ताकि हर्षिता की मौत से जुड़े मामले में निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित हो सके। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षा व्यवस्था पर से अभिभावकों का भरोसा उठ सकता है और भविष्य में किसी अन्य छात्र या छात्रा को हर्षिता जैसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। किशनगंज में बाल मंदिर विद्यालय की छात्रा हर्षिता कुमारी की मौत से जुड़े मामले में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। छात्रा की मौत के आरोपी पूर्व सचिव गोविंद बहानी को दोबारा विद्यालय ट्रस्ट में शामिल किया गया है। इससे छात्रा के पेरेंट्स में नाराजगी देखी जा रही है। शुक्रवार को मृतका के पिता आशीष कुमार गुप्ता ने जिला पदाधिकारी विशाल राज को आवेदन सौंपकर इस फैसले को नियमों का खुला उल्लंघन बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना से जुड़ा एक ऑडियो भी सामने आया है। इसमें स्कूल के दो टीचर आपस में बच्ची को फेल किसने किया इसकी डिटेलिंग में बात हो रही है। पढ़िए पूरा मामला। हत्याकांड में आरोपी रहते ट्रस्ट में एंट्री पर सवाल मृतका के पिता द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि किशनगंज थाना कांड संख्या 215/19 के तहत हर्षिता कुमारी हत्याकांड में गोविंद बहानी आरोपी हैं और मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्हें फिर से स्कूल ट्रस्ट में शामिल करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गोविंद बहानी को पूर्व में जिला प्रशासन के आदेश पर दो बार ट्रस्ट से हटाया जा चुका है, इसके बावजूद गोपनीय तरीके से उन्हें फिर से ट्रस्टी बना दिया गया। ऑडियो साक्ष्य सौंप कर लगाए गंभीर आरोप मृतका के पिता ने जिला पदाधिकारी को एक ऑडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराया है, जिसमें तत्कालीन एडमिनिस्ट्रेटर अजय वेद और वाइस प्रिंसिपल संजय साहा की बातचीत रिकॉर्ड है। इस बातचीत में स्पष्ट रूप से यह बात सामने आती है कि शिक्षकों द्वारा हर्षिता को परीक्षा में उत्तीर्ण कर दिया गया था, लेकिन तत्कालीन सचिव गोविंद बहानी द्वारा दोबारा कॉपी जांच कर उसे फेल घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव और अपमान से आहत होकर हर्षिता ने आत्मघाती कदम उठाया। 2019 में छात्रा ने की थी आत्महत्या गौरतलब है कि वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की छात्रा हर्षिता गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि वह 11वीं की परीक्षा में फेल किए जाने से बेहद आहत थी। घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया था और बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था। आंदोलन के बाद जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में तत्कालीन सचिव गोविंद बहानी को दोषी पाया गया था, जिसके बाद उन्हें सचिव पद से हटाया गया था। CBSE मान्यता प्राप्त स्कूल में मिली थीं गंभीर खामियां बाल मंदिर विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। प्रशासनिक जांच में स्कूल प्रबंधन की कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद तत्कालीन जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय में सुधार के सख्त निर्देश भी दिए गए थे। हर्षिता की मौत के बाद परिजनों ने गोविंद बहानी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई आज भी न्यायालय में चल रही है। फिर से सचिव बनाने की तैयारी? बढ़ा आक्रोश सूत्रों के अनुसार, विद्यालय ट्रस्ट गोविंद बहानी को पुनः सचिव पद पर लाने की तैयारी कर रहा है। इस जानकारी के सामने आने के बाद परिजनों और शहरवासियों में आक्रोश और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि एक आरोपी व्यक्ति का ट्रस्ट में बने रहना न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है, बल्कि इससे निष्पक्ष जांच भी प्रभावित हो सकती है। डीएम ने जांच का दिया आश्वासन इस मामले में जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि परिजनों द्वारा आवेदन दिया गया है, जिसमें सीबीएसई के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग अभिभावकों और शहरवासियों का कहना है कि स्कूल ट्रस्ट द्वारा छात्राओं और अभिभावकों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उनकी मांग है कि गोविंद बहानी को तत्काल ट्रस्ट से हटाया जाए, ताकि हर्षिता की मौत से जुड़े मामले में निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित हो सके। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षा व्यवस्था पर से अभिभावकों का भरोसा उठ सकता है और भविष्य में किसी अन्य छात्र या छात्रा को हर्षिता जैसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।


