बेगूसराय में हत्या के आरोपी की इलाज के दौरान मौत:6 महीने से जेल में था, तबीयत बिगड़ने पर सदर अस्पताल में एडमिट कराया था

बेगूसराय में हत्या के आरोपी की इलाज के दौरान मौत:6 महीने से जेल में था, तबीयत बिगड़ने पर सदर अस्पताल में एडमिट कराया था

बेगूसराय में हत्या के मामले में जेल में बंद एक कैदी की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी को एक दिन पहले यानी रविवार को सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया था। मृतक सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के रहने वाले मोहम्मद अलीमउद्दीन का बेटा था, जिसकी पहचान मोहम्मद सदरे आलम उर्फ टुना के रूप में हुई है। सदरे आलम अपने गांव के रहने वाले मो. तारीफ की हत्या मामले में 6 महीने से बेगूसराय जेल में बंद था। मृतक के परिजनों का कहना है कि सोमवार सुबह में वह ठीक था, फिर अचानक पता नहीं क्या हो गया कि उसकी मौत हो गई है। फिलहाल पुलिस मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम करवा रही है। अब जानिए, हत्या का मामला क्या था सदरे आलम के खिलाफ मोहम्मद शाह आरिफ की पत्नी रोजी खातून ने मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि 9 जून 2025 को सदरे आलम अपने भाई के साथ मेरे डुमरी मस्जिद टोला स्थित घर पर आया और बेटे तारीफ को बुलाकर ले गया। 11 जून तक जब मेरा बेटा घर वापस नहीं आया तो पूछने गए। इसी दौरान इन लोगों ने मेरे लड़का को छत पर से धक्का देकर नीचे गिरा दिया और इलाज के दौरान 7 जुलाई को उसकी मौत हो गई। उस समय कहा गया था कि अपने परिवार की लड़की के से प्रेम प्रसंग के कारण बंधक बनाकर पिटाई के बाद मो. तारीफ को छत पर से धक्का देकर दिया गया। तारीफ की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा मचाया था। 2 महीने तक फरारी के बाद अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था इस मामले में करीब 2 महीने तक फरार रहने के बाद सदरे आलम उर्फ टुना को गिरफ्तार कर बेगूसराय जेल भेज दिया था। मृतक के भाई बसी अहमद ने बताया कि प्रेम प्रसंग का मामला था। तारीफ को मारपीट कर फेंक दिया गया था, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसी हत्या को लेकर मेरे भाई पर मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस लगातार घर पर आ रही थी, सदरे आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया। कल पता चला कि वह सदर अस्पताल में भर्ती है। हम लोग मिलने आए, लेकिन हम लोगों को मिलने नहीं दिया गया। गेट के सुराख से ही हम लोग अपने भाई को देखे और बात किए थे। आज खाना देने आए तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। बेगूसराय में हत्या के मामले में जेल में बंद एक कैदी की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी को एक दिन पहले यानी रविवार को सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया था। मृतक सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के रहने वाले मोहम्मद अलीमउद्दीन का बेटा था, जिसकी पहचान मोहम्मद सदरे आलम उर्फ टुना के रूप में हुई है। सदरे आलम अपने गांव के रहने वाले मो. तारीफ की हत्या मामले में 6 महीने से बेगूसराय जेल में बंद था। मृतक के परिजनों का कहना है कि सोमवार सुबह में वह ठीक था, फिर अचानक पता नहीं क्या हो गया कि उसकी मौत हो गई है। फिलहाल पुलिस मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम करवा रही है। अब जानिए, हत्या का मामला क्या था सदरे आलम के खिलाफ मोहम्मद शाह आरिफ की पत्नी रोजी खातून ने मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि 9 जून 2025 को सदरे आलम अपने भाई के साथ मेरे डुमरी मस्जिद टोला स्थित घर पर आया और बेटे तारीफ को बुलाकर ले गया। 11 जून तक जब मेरा बेटा घर वापस नहीं आया तो पूछने गए। इसी दौरान इन लोगों ने मेरे लड़का को छत पर से धक्का देकर नीचे गिरा दिया और इलाज के दौरान 7 जुलाई को उसकी मौत हो गई। उस समय कहा गया था कि अपने परिवार की लड़की के से प्रेम प्रसंग के कारण बंधक बनाकर पिटाई के बाद मो. तारीफ को छत पर से धक्का देकर दिया गया। तारीफ की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा मचाया था। 2 महीने तक फरारी के बाद अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था इस मामले में करीब 2 महीने तक फरार रहने के बाद सदरे आलम उर्फ टुना को गिरफ्तार कर बेगूसराय जेल भेज दिया था। मृतक के भाई बसी अहमद ने बताया कि प्रेम प्रसंग का मामला था। तारीफ को मारपीट कर फेंक दिया गया था, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसी हत्या को लेकर मेरे भाई पर मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस लगातार घर पर आ रही थी, सदरे आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया। कल पता चला कि वह सदर अस्पताल में भर्ती है। हम लोग मिलने आए, लेकिन हम लोगों को मिलने नहीं दिया गया। गेट के सुराख से ही हम लोग अपने भाई को देखे और बात किए थे। आज खाना देने आए तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है।  

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