लखनऊ जीआरपी ने 14 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामिया हत्यारोपी संत कुमार को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायबरेली में रेलवे के एक केबिनमैन की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद वह नाम बदलकर परिवार के साथ फरार जीवन जी रहा था।
2012 में हुई थी सनसनीखेज हत्या
यह मामला वर्ष 2012 का है, जब रायबरेली स्थित रेलवे के केबिनमैन की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान सामने आया था कि मृतक के बेटे ने ही अपने तीन साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने संत कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा और लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा।
नाम बदलकर परिवार के साथ रह रहा था आरोपी
एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा के मुताबिक, संत कुमार गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात के अहमदाबाद में नाम बदलकर रह रहा था। वह वहां परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहा था, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी गुजरात में छिपा है, जिसके बाद लखनऊ डिवीजन की जीआरपी टीम को सक्रिय किया गया।
अहमदाबाद से हुई गिरफ्तारी
सूचना के आधार पर जीआरपी की टीम अहमदाबाद पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ लाया जा रहा है, जहां आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
50 हजार का घोषित था इनाम
लंबे समय से फरार चल रहे संत कुमार पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जीआरपी की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और किसने उसे शरण दी।


