देवरिया नगर पालिका परिषद ने गृहकर और जलकर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। पालिका ने ऐसे 63 भवन स्वामियों की संपत्तियों को कुर्क और सीज करने की तैयारी कर ली है। यह कार्रवाई लंबे समय से कर जमा न करने वाले लोगों पर की जा रही है। 18 से 26 मार्च तक चलेगी कार्रवाई पालिका द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च से 26 मार्च तक अलग-अलग मोहल्लों में अभियान चलाकर बकायेदारों की संपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें रौनियारी मोहल्ला, नई कॉलोनी, उमा नगर, सोमनाथ नगर, रामनाथ देवरिया दक्षिणी व उत्तरी, अंबेडकर नगर, साकेत नगर समेत कई क्षेत्रों के भवन स्वामी शामिल हैं। बड़े नामों की सूची से बढ़ी हलचल बकायेदारों की सूची में कई प्रतिष्ठित नाम शामिल होने से शहर में चर्चा तेज हो गई है। इनमें निजी संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। नगर पालिका का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाएगी और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। इन बकायेदारों में सदर अंजुमन इस्लामिया वक्फ और क्षेत्रीय गांधी आश्रम जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। कर बकाया की बढ़ती रकम को देखते हुए नगर पालिका ने इन संपत्तियों को कुर्क और सीज करने की तिथि निर्धारित कर दी है। इस कार्रवाई से शहर के बकायेदारों में हड़कंप मच गया है और कई लोग अब भुगतान की तैयारी में जुट गए हैं। नगर पालिका के अनुसार, वर्ष 2012 से स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू है, जिसके तहत भवन स्वामी स्वयं अपने कर का आकलन कर जमा करते हैं। इसके बावजूद कई भवन स्वामी वर्षों से कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। पालिका ने ऐसे बकायेदारों को पहले डिमांड नोटिस जारी किए थे, लेकिन अधिकांश लोगों ने भुगतान में रुचि नहीं दिखाई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संजय तिवारी ने बताया कि कर वसूली को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग निर्धारित समय पर बकाया जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


