झारखंड के 48 नगर निकायों में चुनाव की घोषणा 27 जनवरी को होगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही इन निकाय क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। फरवरी के अंत में मतदान होगा। राज्य चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने 12 जनवरी को ही स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही चुनाव आयोग अब तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। चुनाव को लेकर शुक्रवार को आयोग में सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों का प्रशिक्षण हुआ। करीब साढ़े चार घंटे चले प्रशिक्षण में राज्य चुनाव आयुक्त और आयोग के सचिव ने उन्हें बूथ गठन से लेकर नामांकन, नाम वापसी, स्क्रूटनी, चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि चुनाव के लिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में किस तरह की व्यवस्था करनी है। गौरतलब है कि झारखंड में नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव होना है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह हर हाल में 31 मार्च तक चुनाव कराकर रिपोर्ट सौंपे। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है यहां होना है नगर निकाय चुनाव एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे मेयर और पार्षद के लिए वोट: निकाय चुनाव में एक ही बैलेट बॉक्स में मेयर-अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के लिए वोट डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा। वहीं वार्ड पार्षद का मत पत्र सफेद रंग का होगा। गिनती के क्रम में दोनों वोटों को अलग-अलग छांटा जाएगा, फिर उसकी गिनती शुरू होगी। मतदान के तीसरे दिन होगी मतगणना: सभी निकाय क्षेत्रों में एक ही दिन बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। मतदान के तीसरे दिन मतगणना होगी। यानी अगर 25 फरवरी को चुनाव हुआ, तो 27 फरवरी को मतगणना होगी। पर यदि 26 फरवरी को मतदान हुआ, तो फिर 28 फरवरी को मतगणना होगी। होली के पूर्व प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मतगणना के 20 दिनों के भीतर मेयर-अध्यक्ष का होगा चुनाव: निकाय चुनाव की मतगणना के 20 दिनों के भीतर नगर निगम के मेयर और नगर पंचायत व नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। इस चुनाव में वार्ड पार्षद भाग लेंगे। उनके बीच का ही कोई वार्ड पार्षद इस पद के लिए चुनाव लड़ेगा। चुनाव के पूर्व वार्ड पार्षदों को पद की शपथ दिलाई जाएगी। फिर वे वोट करेंगे। आधे से अधिक निकायों में 2020 से लंबित है चुनाव: राज्य में आधे से अधिक निकायों में 2020 से ही चुनाव लंबित है। कोरोना महामारी के कारण उस समय सरकार ने निकायों के चुनाव को स्थगित कर दिया था। बाद में एक साथ सभी निकायों में चुनाव कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, लेकिन ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट को लेकर फिर मामला उलझा और चुनाव की प्रक्रिया बाधित हुई। झारखंड के 48 नगर निकायों में चुनाव की घोषणा 27 जनवरी को होगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही इन निकाय क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। फरवरी के अंत में मतदान होगा। राज्य चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने 12 जनवरी को ही स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही चुनाव आयोग अब तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। चुनाव को लेकर शुक्रवार को आयोग में सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों का प्रशिक्षण हुआ। करीब साढ़े चार घंटे चले प्रशिक्षण में राज्य चुनाव आयुक्त और आयोग के सचिव ने उन्हें बूथ गठन से लेकर नामांकन, नाम वापसी, स्क्रूटनी, चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि चुनाव के लिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में किस तरह की व्यवस्था करनी है। गौरतलब है कि झारखंड में नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव होना है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह हर हाल में 31 मार्च तक चुनाव कराकर रिपोर्ट सौंपे। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है यहां होना है नगर निकाय चुनाव एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे मेयर और पार्षद के लिए वोट: निकाय चुनाव में एक ही बैलेट बॉक्स में मेयर-अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के लिए वोट डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा। वहीं वार्ड पार्षद का मत पत्र सफेद रंग का होगा। गिनती के क्रम में दोनों वोटों को अलग-अलग छांटा जाएगा, फिर उसकी गिनती शुरू होगी। मतदान के तीसरे दिन होगी मतगणना: सभी निकाय क्षेत्रों में एक ही दिन बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। मतदान के तीसरे दिन मतगणना होगी। यानी अगर 25 फरवरी को चुनाव हुआ, तो 27 फरवरी को मतगणना होगी। पर यदि 26 फरवरी को मतदान हुआ, तो फिर 28 फरवरी को मतगणना होगी। होली के पूर्व प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मतगणना के 20 दिनों के भीतर मेयर-अध्यक्ष का होगा चुनाव: निकाय चुनाव की मतगणना के 20 दिनों के भीतर नगर निगम के मेयर और नगर पंचायत व नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। इस चुनाव में वार्ड पार्षद भाग लेंगे। उनके बीच का ही कोई वार्ड पार्षद इस पद के लिए चुनाव लड़ेगा। चुनाव के पूर्व वार्ड पार्षदों को पद की शपथ दिलाई जाएगी। फिर वे वोट करेंगे। आधे से अधिक निकायों में 2020 से लंबित है चुनाव: राज्य में आधे से अधिक निकायों में 2020 से ही चुनाव लंबित है। कोरोना महामारी के कारण उस समय सरकार ने निकायों के चुनाव को स्थगित कर दिया था। बाद में एक साथ सभी निकायों में चुनाव कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, लेकिन ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट को लेकर फिर मामला उलझा और चुनाव की प्रक्रिया बाधित हुई।


