वाराणसी को स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में टॉप 5 में लाने के लिए नगर निगम कमर कस चुका है। ऐसे में इंदौर की तर्ज पर नगर निगम के 6 वार्ड जीरो वेस्ट जोन बनाएंगे। बता दें कि साल 2025 में इंदौर से स्वच्छता के गुण सीखने का मसौदा हुआ था। कई कर्मचारी, पार्षद और अधिकारियों ने इंदौर विजिट कर वहां के प्लान को देखा और समझा था। जिन वार्डों में यह व्यवस्था लगाई गई है ये सभी पूर्व में चयनित माडल वार्ड हैं। इन वार्डों में नारायणपुर, डिठौरी महाल, चेतगंज, कालभैरव, पियरी कला और पिशाचमोचन शामिल हैं। कचरे का होगा 100 प्रतिशत निस्तारण नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया – काशी को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर पहुंचाने के लिए नगर निगम ने ‘मॉडल वार्ड’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। इस क्रम में शहर के छह चयनित वार्डों को पूरी तरह हाईटेक व कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से इन्हें मॉडल वार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है।इसके तहत इन वार्डों को ‘जीरो वेस्ट’ जोन बनाने की तैयारी है। जहां से निकलने वाले कचरे का शत-प्रतिशत निस्तारण स्थानीय स्तर पर या प्रोसेसिंग प्लांट में तुरंत किया जा सके। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखना अनिवार्य नगर आयुक्त ने बताया – मॉडल वार्डों में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। इन वार्डों की सभी बीटों की जीआईएस मैपिंग कराई गई है । जिससे सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और उनके कार्य क्षेत्र की डिजिटल निगरानी हो रही है । साथ ही शहर में ऐसे 26 स्थानों को साफ कर वहां सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन गाड़ियों की होगी GPS ट्रेकिंग लगातार डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की शिकायत पर नगर आयुक्त ने कहा – डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की मॉनिटरिंग के लिए वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जा रही है । जिससे किसी भी घर के छूटने की गुंजाइश खत्म हो गई है। इन मॉडल वार्डों में जनता को जागरूक कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कूड़ा घर से निकलते समय ही दो हिस्सों में बंटा हो। वहीं सफाई मित्र केवल उसी स्थिति में कूड़ा उठाएंगे जब वह अलग-अलग (गीला और सूखा) होगा। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का नए वार्ड में नया प्लान दूसरी ओर निगम ने परिसीमन के बाद बढ़े 25 क्षेत्रों में भी साफ-सफाई का खाका तैयार कर लिया है। इन वार्डों में भी दिसंबर 2025 से ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए निजी एजेंसियों ( मेसर्स लॉयन सिक्योरिटी गार्ड्स सर्विसेज) को अनुबंधित किया गया है। वर्तमान में शहर में प्रतिदिन 1215 टन कचरा प्रोसेसिंग की क्षमता विकसित कर ली गई है । जो मॉडल वार्डों की सफलता में मील का पत्थर साबित होगी।


