नगर निगम सीलिंग विवाद ने पकड़ा तूल:युवती के बंद होने के मामले में पुलिस जांच शुरू

अयोध्या नगर निगम की ओर से बकाया टैक्स न जमा करने पर की गई कुर्की और सीलिंग कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। फतेहगंज क्षेत्र में दुकानों की सीलिंग के दौरान एक युवती के मकान के अंदर ही बंद रह जाने के आरोप के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने अपने ही भाई के खिलाफ तहरीर देकर पुलिस से शिकायत की है, जिसके बाद पूरे मामले की जांच पुलिस के हवाले कर दी गई है। सीलिंग से पहले नगर निगम प्रशासन ने एक वीडियो जारी किया है। जिसमें दुकान सीलिंग के दौरान परिवार से नोक-झोंक होता दिखाई दे रहा है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने नगर निगम का पक्ष रखते हुए सफाई दी है। उन्होंने स्वर्गीय बेचन राम की दुकान (भवन संख्या 06/20/25) को सील करने के दौरान युवती के अंदर बंद रह जाने के आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। नगर आयुक्त ने आशंका जताई कि नगर निगम को बदनाम करने की नीयत से युवती को बाद में पीछे के रास्ते से दुकान में ले जाया गया होगा। वहीं पीड़ित पक्ष ने नगर आयुक्त के इस दावे को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मकान के पीछे कोई रास्ता ही नहीं है और न ही सीलिंग के बाद युवती को अंदर ले जाया गया। पीड़ितों का दावा है कि यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। बताया गया कि बुधवार की रात करीब साढ़े 10 बजे नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सील खोलकर युवती को बाहर निकाला गया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि स्वर्गीय बेचन राम के मकान पर 90,800 रुपये गृह एवं जलकर के रूप में बकाया था। बकाया वसूली के लिए 29 जून 2025 को बिल भेजा गया था। भुगतान न होने पर 17 नवंबर 2025 को डिमांड नोटिस जारी कर 25 नवंबर को तामील कराया गया। इसके बाद भी कर जमा न होने पर 17 जनवरी 2026 को कुर्की की सार्वजनिक सूचना समाचार पत्र में प्रकाशित कराई गई। चार फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे नगर निगम की टीम क्षेत्रीय पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ते के साथ कुर्की एवं सीलिंग कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। नगर आयुक्त के अनुसार, कार्रवाई के दौरान फतेहगंज चौकी प्रभारी दो महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद थे और दुकान के अंदर की जांच भी की गई थी। इस दौरान बेचन राम के दो वारिस संतोष कुमार और बैजनाथ ने 30-30 हजार रुपये बकाया राशि जमा कर दी, जिसकी रसीद उन्हें दे दी गई। हालांकि तीसरे वारिस रिंकू गुप्ता ने टैक्स जमा करने से इनकार करते हुए विवाद किया। फिलहाल युवती के मकान में बंद होने के पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह प्रशासनिक चूक थी या किसी साजिश के तहत मामला खड़ा किया गया।

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