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नगर निगम प्रशासन ने शनिवार को लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ले में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। एक मकान के ऊपर बने सरंचना को बुलडोजर से गिरा दिया। यह मकान शशिकांत कुमार (सीमा कुमारी) के नाम पर है, जिसे नाला निर्माण के दौरान झुकी हुई संरचना पर खड़ा किया गया था। नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और पोकलेन-बुलडोजर की मदद से अवैध संरचना को ध्वस्त कर दिया। म्युनिसिपल एक्ट के तहत मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में यह कार्रवाई की गई। नगर निगम के सिटी मैनेजर साकेश कुमार ने बताया कि नाला निर्माण के दौरान ही यह बिल्डिंग झुक गई थी। इसके बावजूद मकान मालिक ने रोक की अनदेखी करते हुए उस पर निर्माण कार्य जारी रखा। यह संरचना आम जनता और आने-जाने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई थी। मकान मालिक आरोप, मुझे नोटिस नहीं दिया हालांकि, मकान मालिक के परिजन ने इस कार्रवाई को साजिश बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनकी रैयती जमीन पर यह मकान बना हुआ था। यहां 37 मकानों का सर्वेक्षण हुआ था, लेकिन किसी और के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुझे नोटिस तो दिया गया, लेकिन सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने यह भी दावा किया कि नगर निगम के अधिकारियों ने पहले मुआवजे का वादा किया था, लेकिन बाद में इससे मुकर गए। उनके अनुसार, प्रशासन की गाड़ियां रोज इस रास्ते से गुजरती थीं, लेकिन किसी ने निर्माण के समय कोई आपत्ति नहीं की।
नोटिस की अनदेखी का आरोप सिटी मैनेजर साकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मकान मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। हमने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से जनहित में की गई है। झुकी हुई इमारत किसी भी समय गिर सकती थी, जो एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। नगर निगम ने भविष्य में भी ऐसी अवैध संरचनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है। ,
नगर निगम प्रशासन ने शनिवार को लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ले में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। एक मकान के ऊपर बने सरंचना को बुलडोजर से गिरा दिया। यह मकान शशिकांत कुमार (सीमा कुमारी) के नाम पर है, जिसे नाला निर्माण के दौरान झुकी हुई संरचना पर खड़ा किया गया था। नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और पोकलेन-बुलडोजर की मदद से अवैध संरचना को ध्वस्त कर दिया। म्युनिसिपल एक्ट के तहत मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में यह कार्रवाई की गई। नगर निगम के सिटी मैनेजर साकेश कुमार ने बताया कि नाला निर्माण के दौरान ही यह बिल्डिंग झुक गई थी। इसके बावजूद मकान मालिक ने रोक की अनदेखी करते हुए उस पर निर्माण कार्य जारी रखा। यह संरचना आम जनता और आने-जाने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई थी। मकान मालिक आरोप, मुझे नोटिस नहीं दिया हालांकि, मकान मालिक के परिजन ने इस कार्रवाई को साजिश बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनकी रैयती जमीन पर यह मकान बना हुआ था। यहां 37 मकानों का सर्वेक्षण हुआ था, लेकिन किसी और के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुझे नोटिस तो दिया गया, लेकिन सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने यह भी दावा किया कि नगर निगम के अधिकारियों ने पहले मुआवजे का वादा किया था, लेकिन बाद में इससे मुकर गए। उनके अनुसार, प्रशासन की गाड़ियां रोज इस रास्ते से गुजरती थीं, लेकिन किसी ने निर्माण के समय कोई आपत्ति नहीं की।
नोटिस की अनदेखी का आरोप सिटी मैनेजर साकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मकान मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। हमने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से जनहित में की गई है। झुकी हुई इमारत किसी भी समय गिर सकती थी, जो एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। नगर निगम ने भविष्य में भी ऐसी अवैध संरचनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।


