नगर पालिक क्लर्क का मौत से पहले का VIDEO:कहा- फर्जी साइन नहीं किए तो कचरा गाड़ी गिनने में ड्यूटी लगाई, झांसी में सुसाइड किया था

नगर पालिक क्लर्क का मौत से पहले का VIDEO:कहा- फर्जी साइन नहीं किए तो कचरा गाड़ी गिनने में ड्यूटी लगाई, झांसी में सुसाइड किया था

झांसी में मध्य प्रदेश के दतिया नगर पालिका में पदस्थ क्लर्क ने सुसाइड कर लिया। उनकी लाश घर की पहली मंजिल पर फंदे पर लटकी मिली। मरने से पहले दिलीप गोंड (55) ने 3 मिनट 39 सेकेंड का वीडियो बनाया है। CMO और 2 अन्य कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि दिलीप रविवार सुबह उठे और चाय पी, फिर वह बिल्डिंग का सामान खरीदने के लिए मार्केट गए। मार्केट से लौटकर वह अपने घर की छत पर बने एक कमरे में गए, जहां उन्होंने फांसी लगा ली। थोड़ी देर बाद उनका बेटा उन्हें देखने गया तो अपने पिता को फांसी पर लटका हुआ पाया। इस दौरान पिता को फंदे पर लटका देखकर बेटा चिल्लाया। आवाज सुनकर परिवार के दूसरे लोग भी आ गए। झांसी की प्रेम नगर पुलिस मौके पर पहुंची। डेडबॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया था। सोमवार को उनका एक वीडियाे वायरल हो गया। फर्जी दस्तावेजों पर साइन नहीं किए तो पद से हटाया सुसाइड से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दिलीप गोंड कह रहे हैं कि वह नगर पालिका की स्थापना शाखा में बाबू के पद पर पोस्टेड था। उस समय नगर निगम के CMO मकबूल खान इंचार्ज थे। CMO मकबूल ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार किए थे। मामला 2017 में लोकायुक्त के पास पहुंचा और जांच अभी भी चल रही है। फर्जी डॉक्यूमेंट्स 2006 की नोटशीट से जुड़े फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर साइन करवाने की कोशिश की गई। साइन करने से मना करने पर 50,000 रुपए की रिश्वत ऑफर की गई। जब मना किया तो CMO नागेंद्र गुर्जर ने पद से हटाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरा गाड़ियां गिनने का काम दे दिया। वीडियो में बाबू का दावा है कि CMO ने उसके साथ गाली-गलौज की, उसे मेंटली परेशान किया। दो दूसरे कर्मचारियों ने भी उसे परेशान किया। इससे वह दुखी थे। उनका कहना था कि बाबू का काम ऑफिस में लेखा-जोखा है, लेकिन गाड़ी गिनने में लगाया गया। यह उनके लिए बहुत दुखद घटना है। बाबू अपनी मौत के लिए CMO नागेंद्र गुर्जर और दो दूसरे कर्मचारियों को जिम्मेदार मानता है। अचानक मौत की खबर आई सहकर्मियों के मुताबिक, दिलीप गोंड शुक्रवार को हमेशा की तरह ऑफिस आए थे। वह अपने काम में पूरी तरह लगे हुए दिखे। उनके व्यवहार में कोई चिंता या तनाव नहीं दिखा। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद वह झांसी में अपने घर गए थे, लेकिन अचानक उनकी मौत की खबर आई। CMO ने कहा- आरोप बेबुनियाद हैं वहीं मामले पर CMO नागेंद्र गुर्जर ने कहा कि दिलीप गोंड मेहनती और लगन से काम करने वाले कर्मचारी थे। वह शुक्रवार को ऑफिस में मौजूद थे। वह छुट्टी पर झांसी गए थे। उन्हें वहां क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। वीडियो में लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

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