महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने मुंबई की रहने वाली एक स्कूली छात्रा को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ शादी का नाटक किया और फिर उसका यौन शोषण किया। आरोपी ने विरार के प्रसिद्ध जीवदानी मंदिर में ले जाकर नाबालिग छात्रा से कथित शादी की, उसने उसे मंगलसूत्र पहनाया और दावा किया कि अब वे पति-पत्नी हैं। इस मामले में नायगांव पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
सलून में हुई पहचान, फिर बुना साजिश का जाल
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता मुंबई की रहने वाली है और अभी स्कूल में पढ़ाई कर रही है। कुछ महीने पहले एक सलून में उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई थी। धीरे-धीरे यह जान-पहचान दोस्ती में बदल गई और आरोपी ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। पीड़िता की कम उम्र और मासूमियत का फायदा उठाते हुए आरोपी उसे विरार स्थित जीवदानी पहाड़ पर ले गया। वहां आरोपी ने मंदिर परिसर में ही पीड़िता के गले में मंगलसूत्र पहना दिया और यह दिखावा किया कि उनकी असली शादी हो गई है। इसके बाद उसने पीड़िता के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए।
रेलवे पुलिस की सतर्कता से खुला राज
इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब बीती 17 जनवरी को पीड़िता स्कूल जाने के बहाने घर से निकली और वसई रेलवे स्टेशन पर आरोपी से मिलने पहुंची। स्टेशन पर लड़की का व्यवहार संदिग्ध लगने पर वहां तैनात सतर्क रेलवे पुलिस ने उससे पूछताछ की। पहले तो उसने गोलमोल जवाब दिए, लेकिन जब पुलिस ने उसे भरोसे में लिया, तो उसने सारी बात बता दी। रेलवे पुलिस ने तुरंत उसके परिजनों से संपर्क किया और उसे उनके हवाले कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी सच्चाई बताई। अपनी बेटी के साथ हुई धोखाधड़ी और अत्याचार को जानकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत नायगाव पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखें और उनके साथ निरंतर संवाद बनाए रखें ताकि उन्हें ऐसे वारदातों से बचाया जा सके।


