Multiple Myeloma Symptoms: अक्सर लोग मानते हैं कि हड्डी सिर्फ किसी दुर्घटना, गिरने या खेल के दौरान लगी चोट की वजह से टूटती है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर बिना किसी बड़ी चोट के हड्डी टूट जाए, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में यह ब्लड कैंसर के एक प्रकार मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
कैंसर विशेषज्ञ Dr Raman Narang के अनुसार जब हड्डी किसी चोट के बिना कमजोर होकर टूटती है, तो इसे पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर (Pathological Fracture) कहा जाता है। इसका मतलब है कि हड्डी किसी बीमारी की वजह से अंदर से कमजोर हो चुकी होती है, इसलिए मामूली दबाव में भी टूट सकती है।
मल्टीपल मायलोमा क्या है
मल्टीपल मायलोमा एक तरह का ब्लड कैंसर है, जो बोन मैरो यानी हड्डियों के अंदर बनने वाले ऊतक को प्रभावित करता है। इस बीमारी में शरीर में असामान्य प्लाज्मा सेल्स तेजी से बढ़ने लगते हैं। ये असामान्य कोशिकाएं ऐसे केमिकल छोड़ती हैं जो हड्डियों के बनने और टूटने की सामान्य प्रक्रिया को बिगाड़ देते हैं। धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और उनमें छोटे-छोटे छेद जैसे हिस्से बन जाते हैं। इसी वजह से हड्डियां बहुत नाजुक हो जाती हैं और मामूली दबाव में भी टूट सकती हैं।
रोजमर्रा के काम में भी टूट सकती है हड्डी
डॉक्टरों के अनुसार इस स्थिति में कई बार हड्डियां सामान्य गतिविधियों के दौरान भी टूट सकती हैं। जैसे-
- थोड़ा भारी सामान उठाने पर
- झुकने या शरीर मोड़ने पर
- हल्का सा गिरने या टकराने पर
- गंभीर मामलों में खांसने या छींकने पर भी
इस बीमारी में आमतौर पर रीढ़ की हड्डी, पसलियां, कूल्हे और हाथ-पैर की लंबी हड्डियां ज्यादा प्रभावित होती हैं।
शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि मल्टीपल मायलोमा की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इसके कुछ आम लक्षण हो सकते हैं। लंबे समय तक रहने वाला पीठ या हड्डियों का दर्द, बिना किसी बड़ी चोट के हड्डी टूट जाना, रीढ़ की हड्डी दबने से कद कम होना, ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस होना। कई मामलों में हड्डी का अचानक टूटना ही पहला संकेत बनता है, जिससे डॉक्टरों को अंदर छिपी बीमारी का पता चलता है।
हर फ्रैक्चर का मतलब कैंसर नहीं होता
डॉक्टर यह भी बताते हैं कि हर बार बिना चोट के हड्डी टूटना कैंसर का संकेत नहीं होता। कई बार इसकी वजह ऑस्टियोपोरोसिस, विटामिन डी की कमी या उम्र के साथ हड्डियों का कमजोर होना भी हो सकता है। लेकिन अगर बार-बार हड्डी टूट रही हो या बिना कारण फ्रैक्चर हो रहा हो, तो डॉक्टर खून की जांच, स्कैन और बोन मैरो टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।
समय पर पहचान क्यों है जरूरी
मल्टीपल मायलोमा का समय पर पता चल जाए तो इलाज के बेहतर विकल्प मिल सकते हैं। आजकल इस बीमारी के इलाज में कई आधुनिक तरीके उपलब्ध हैं, जैसे टार्गेटेड दवाएं, इम्यूनोथेरेपी, हड्डियों को मजबूत बनाने वाली दवाएं, कुछ मामलों में कीमोथेरेपी।डॉक्टरों का कहना है कि सही इलाज और नियमित निगरानी से कई मरीज लंबे समय तक अच्छी जिंदगी जी सकते हैं। इसलिए अगर शरीर में असामान्य लक्षण दिखें, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच करवाना बहुत जरूरी है।


