रतलाम. साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस की साइबर सेल टीम ने मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त एक म्यूल अकाउंट का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी रतलाम के निवासी हैं, जिनकी पहचान प्रथम मित्तल (खाताधारक) निवासी माणकचौक, हेमंत रायक उर्फ मोनू, निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी, और शुभम रेडा उर्फ चीकू, निवासी नागरवास के रूप में हुई है।
कार्रवाई राज्य साइबर रिपोर्टिंग पर
एसपी अमित कुमार ने बताया कार्रवाई राज्य साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर की है। जांच के दौरान, समन्वय पोर्टल (जेसीसीटी) से प्राप्त सूचना के अनुसार एक फेडरल बैंक खाता संदिग्ध पाया गया। फेडरल बैंक के नोडल अधिकारी से प्राप्त जानकारी से पता चला कि यह खाता प्रथम मित्तल (23) के नाम पर है। खाते के ट्रांजेक्शन की जांच में 25 मार्च को इसमें 47,75,301 रुपए की संदिग्ध राशि जमा हुई थी, जिससे यह खाता म्यूल अकाउंट के रूप में प्रयुक्त होना पाया गया।
अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड से जुड़ा
पुलिस के अनुसार यह मामला एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड से जुड़ा है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर कोयंबटूर (तमिलनाडु) निवासी शिकायतकर्ता केसी श्रीधर ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें डिजिटल अरेस्ट स्कैम के जरिए 67,75,301 रुपए की ठगी हुई थी। जांच में पाया गया कि धोखाधड़ी की इस राशि का एक हिस्सा रतलाम के फेडरल बैंक खाते में जमा हुआ, जो इस खाते के मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क में इस्तेमाल होने की पुष्टि करता है।
नेटवर्क की कड़ियों की तलाश
पुलिस की पूछताछ में प्रथम मित्तल ने अपने साथियों हेमंत रायक और शुभम रेडा के कहने पर कमीशन के लालच में म्यूल अकाउंट खुलवाने की बात स्वीकार की है। तीनों आरोपियों के विरुद्ध माणकचौक पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अन्य संलिप्त आरोपियों और नेटवर्क की कड़ियों की तलाश कर रही है।


