क्रिकेट फैंस के लिए इस बार का सत्र खास होने वाला है क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर मैदान पर उतरने की तैयारी में हैं और उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जोश कम होता नजर नहीं आ रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, आगामी लीग सत्र में वह चेन्नई सुपर किंग्स की जर्सी में नजर आएंगे, जबकि टीम पहले ही एक नए दौर की शुरुआत कर चुकी है।
बता दें कि टीम ने हाल ही में ऋतुराज गायकवाड़ को पूर्णकालिक कप्तान बनाया है और संजू सैमसन को ट्रेड के जरिए शामिल कर नई रणनीति पर काम शुरू किया है। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों को भी मौका देकर टीम भविष्य की तैयारी में जुटी है। ऐसे में धोनी की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा तेज हो गई है, खासकर इस संभावना के बीच कि यह उनका आखिरी सत्र हो सकता है।
इस पर रविचंद्रन अश्विन ने साफ कहा है कि अगर धोनी टीम में हैं तो उन्हें अंतिम एकादश में शामिल करने पर कोई सवाल ही नहीं उठता है। उनका मानना है कि धोनी का अनुभव और खेल की समझ टीम के लिए बेहद अहम है, जो सिर्फ आंकड़ों से नहीं मापी जा सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, धोनी पिछले कुछ महीनों से लगातार अभ्यास कर रहे हैं और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने के संकेत दे रहे हैं। अश्विन के मुताबिक, धोनी अब भले ही शीर्ष क्रम के बल्लेबाज की भूमिका में न हों, लेकिन वह निचले क्रम में आकर मैच फिनिश करने की क्षमता अब भी रखते हैं।
बताया जा रहा है कि इस बार धोनी सातवें स्थान पर बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं, साथ ही विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। हालांकि जरूरत पड़ने पर उन्हें पावरप्ले में ऊपर भेजने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है, ताकि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का फायदा उठाया जा सके।
गौरतलब है कि टीम में बदलाव के इस दौर में धोनी सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभा सकते हैं। मैदान पर उनकी मौजूदगी कप्तान गायकवाड़ के लिए दिशा तय करने में मददगार साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो उम्र और फिटनेस को लेकर सवाल जरूर हैं, लेकिन धोनी का अनुभव, मानसिक मजबूती और खेल की समझ उन्हें अब भी खास बनाती है और यही वजह है कि वह इस सत्र में भी टीम के लिए अहम कड़ी बने हुए हैं।


