जिले में खसरा-रूबेला (एमआर) बूस्टर डोज टीकाकरण अभियान 16 फरवरी से शुरू होगा। यह अभियान 27 फरवरी तक चलेगा, जिसमें पांच से 10 वर्ष आयु वर्ग के 2 लाख 10 हजार 612 बच्चों को टीका लगाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. पंकज कुमार राय ने इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। यह टीकाकरण अभियान जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों, स्कूलों और मदरसों में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए कुल 2430 विद्यालयों और मदरसों का चयन किया गया है। सभी ब्लॉक पीएचसी-सीएचसी पर एमआर वैक्सीन, सीरिंज, एनाफाइलेक्सिस किट और अन्य लॉजिस्टिक्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को अभियान की सफलता और लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. पंकज कुमार राय ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन 100 से 125 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए कुल 310 टीमें गठित की गई हैं। टीकाकरण टीमें स्कूलों में पहुंचने से एक दिन पहले सूचना देंगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी बच्चे को खाली पेट टीका न लगाया जाए; बच्चों को मिड-डे मील या लंच के बाद ही वैक्सीन दी जाएगी। डॉ. राय ने कहा कि एमआर टीकाकरण से न केवल बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है, बल्कि समाज को भी इन रोगों से मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि जिले को खसरा-रूबेला मुक्त बनाया जा सके। खसरा के लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, बहती नाक, आंखों का लाल होना और चेहरे व शरीर पर चकत्ते शामिल हैं।


