हिट एंड रन मामलों में मुआवजा समय से मिले-सांसद:मधुबनी में समिति की बैठक, हेलमेट-सीट बेल्ट का उपयोग करने की अपील

हिट एंड रन मामलों में मुआवजा समय से मिले-सांसद:मधुबनी में समिति की बैठक, हेलमेट-सीट बेल्ट का उपयोग करने की अपील

मधुबनी में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। झंझारपुर लोकसभा सांसद और सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में यह बैठक शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में हुई। सांसद ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। सभी ने हेलमेट और सीट बेल्ट के बिना वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए समाज को प्रेरित करने का संकल्प लिया। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा माह के तहत किए जा रहे कार्यों, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, विगत वर्षों की दुर्घटना रिपोर्ट और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। सांसद मंडल ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना के पीछे के संरचनात्मक, मानवीय या तंत्रगत कारणों का गहन विश्लेषण किया जाए। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सीसीटीवी कैमरा जैसे सुरक्षात्मक उपाय तत्काल लागू करने को कहा। हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की समीक्षा भी की गई। सांसद ने निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। इसके लिए सभी थानों और अस्पतालों को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। शहर और प्रमुख सड़कों पर बढ़ती ओवरस्पीडिंग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए गति सीमा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस की नियमित गश्ती और सीसीटीवी निगरानी को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों और हाट-बाजारों में पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और वीडियो स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांसद ने सुझाव दिया कि भावी पीढ़ी को प्रारंभिक स्तर से ही यातायात नियमों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक प्रखंड या समूह पंचायत स्तर पर मिनी ट्रैफिक पार्क स्थापित करने की योजना तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा, जहां बच्चों और युवाओं को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क चिन्ह और पैदल चलने के नियमों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सके। मधुबनी में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। झंझारपुर लोकसभा सांसद और सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में यह बैठक शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में हुई। सांसद ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। सभी ने हेलमेट और सीट बेल्ट के बिना वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए समाज को प्रेरित करने का संकल्प लिया। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा माह के तहत किए जा रहे कार्यों, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, विगत वर्षों की दुर्घटना रिपोर्ट और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। सांसद मंडल ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना के पीछे के संरचनात्मक, मानवीय या तंत्रगत कारणों का गहन विश्लेषण किया जाए। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सीसीटीवी कैमरा जैसे सुरक्षात्मक उपाय तत्काल लागू करने को कहा। हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की समीक्षा भी की गई। सांसद ने निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। इसके लिए सभी थानों और अस्पतालों को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। शहर और प्रमुख सड़कों पर बढ़ती ओवरस्पीडिंग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए गति सीमा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस की नियमित गश्ती और सीसीटीवी निगरानी को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों और हाट-बाजारों में पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और वीडियो स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांसद ने सुझाव दिया कि भावी पीढ़ी को प्रारंभिक स्तर से ही यातायात नियमों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक प्रखंड या समूह पंचायत स्तर पर मिनी ट्रैफिक पार्क स्थापित करने की योजना तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा, जहां बच्चों और युवाओं को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क चिन्ह और पैदल चलने के नियमों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सके।  

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