एमपीआरडीसी के स्थानीय अफसरों के सुस्त रवैये के कारण शुक्रवार को कलेक्टोरेट में 3 घंटे हंगामा चला। मुख्यालय भोपाल के अफसरों के एक सप्ताह में फिर से ट्रैफिक सर्वे करने के निर्देश भी यहां के अधिकारियों ने हवा में उड़ा दिए। 15 दिन बाद भी सर्वे रिपोर्ट सामने नहीं आई तो प्रभावित गांव के किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर लिया। बाइक रैली से उज्जैन पहुंचे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सिस कंट्रोल रोड प्रभावित 50 गांव के किसानों ने प्रशासन को असहमति पत्र भी सौंप दिया। कलेक्टर के नाम से संबोधित ज्ञापन किसानों ने एसडीएम पवन बारिया को सौंपते हुए उन्हें आगाह किया। दोपहर 3.30 बजे कलेक्टोरेट पहुंचे किसान 6 बजे तक प्रदर्शन करते रहे। एक सप्ताह में सर्वे कराने के 16 को दिए थे निर्देश किसानों ने 15 दिन पहले 16 जनवरी को एमपीआरडीसी मुख्यालय भोपाल का घेराव किया। इस पर मुख्यालय के अफसरों ने उसी दिन उज्जैन-जावरा रूट का फिर से ट्रैफिक सर्वे के निर्देश दिए। यह काम एक सप्ताह में हो जाना था, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार 30 जनवरी तक सर्वे रिपोर्ट नहीं बनाई। शुरुआती दौर में भी किसानों की मांगें ही कई दिनों तक मुख्यालय स्तर तक नहीं पहुंचाई गई। स्थानीय अधिकारियों के इस रवैये से ग्रामीणों को आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक विजय सिंह तो खुद को इतना व्यस्त होने का दिखावा करते हैं कि उन्हें बात करने तक की फुर्सत नहीं हो। पूछने पर सिंह ने सिर्फ इतना बताया कि अभी सर्वे रिपोर्ट हमें ही नहीं मिली।


