बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के BCCI के निर्देश का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इस फैसले को देशहित में लिया गया “बिल्कुल सही और समयोचित फैसला” बताया। सांसद जायसवाल ने कहा कि BCCI का यह निर्णय राष्ट्र की भावना और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप है। डॉ. संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि KKR ने बंगाल सरकार को खुश करने के उद्देश्य से एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल किया था, जो अनुचित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में राष्ट्रीय भावनाओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती। सांसद का मानना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए BCCI को सख्त कदम उठाने चाहिए। बांग्लादेशी खिलाड़ियों को टीम से करना चाहिए बाहर उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला न केवल क्रिकेट प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है, बल्कि अन्य फ्रेंचाइजी के लिए भी एक सीख है। डॉ. जायसवाल ने जोर दिया कि KKR को हर हाल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को टीम से बाहर करना चाहिए, ताकि खेल में किसी भी तरह का विवाद या असंतोष न फैले। सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक और खेल जगत में चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे राष्ट्रहित में लिया गया साहसिक कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि, BCCI के निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बोर्ड ऐसे मामलों में कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के BCCI के निर्देश का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इस फैसले को देशहित में लिया गया “बिल्कुल सही और समयोचित फैसला” बताया। सांसद जायसवाल ने कहा कि BCCI का यह निर्णय राष्ट्र की भावना और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप है। डॉ. संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि KKR ने बंगाल सरकार को खुश करने के उद्देश्य से एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल किया था, जो अनुचित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में राष्ट्रीय भावनाओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती। सांसद का मानना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए BCCI को सख्त कदम उठाने चाहिए। बांग्लादेशी खिलाड़ियों को टीम से करना चाहिए बाहर उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला न केवल क्रिकेट प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है, बल्कि अन्य फ्रेंचाइजी के लिए भी एक सीख है। डॉ. जायसवाल ने जोर दिया कि KKR को हर हाल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को टीम से बाहर करना चाहिए, ताकि खेल में किसी भी तरह का विवाद या असंतोष न फैले। सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक और खेल जगत में चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे राष्ट्रहित में लिया गया साहसिक कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि, BCCI के निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बोर्ड ऐसे मामलों में कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।


