गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने समिति में कुल 15 सदस्यों को नामित किया गया है। इनमें हरियाणा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा भी शामिल हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार विशाल तिवारी को जनजातीय कार्य मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति में इनमें कई प्रमुख सांसद भी शामिल हैं। रोहतक के महमत के रहने वाले रामचंद्र जांगड़ा का राज्यसभा का कार्यकाल जल्द ही पूरा होने वाला है। इससे पहले ही उनको गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने अपनी समिति में शामिल कर लिया है। विशाल तिवारी की बात करें तो साल 2010 में वे दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन (भारत नीति प्रतिष्ठान) से बतौर रिसर्च फेलो जुड़े थे। वर्तमान में एक मीडिया हाऊस में संपादकीय सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं। गृह मंत्रालय ने कुल 15 लोगों को इस समिति का सदस्य बनाया गया है। लोकसभा सांसद हेमंत विष्णु शर्मा, सांसद गौरव गोगोई और कृति देवी देववर्मन के अलावा राज्यसभा सांसद रमिलाबेन बेचार भाई बारा, सांसद चुन्नीलाल गरासिया और सांसद राम चंद्र जांगडा को भी सदस्य बनाया गया है। विशाल की पहली पुस्तक ‘न्यू मीडिया: संभावनाएं एवं चुनौतियां’ काफी चर्चित रही है। उनके साप्ताहिक कॉलम ‘परिधि’ ने मुख्यधारा से अलग अनछुए विषयों को समाज के सामने रखा। उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) और डॉ. जाकिर हुसैन के जीवन जैसे विषयों पर बनी लघु फिल्मों में बतौर शोधकर्ता योगदान दिया। वे प्रसिद्ध गांधीवादी अन्ना हजारे के नेतृत्व में चले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से भी जुड़े रहे। इसके साथ ही उन्होंने रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के आंदोलन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज की घटना को फोटो परिचय के साथ देश के सामने प्रस्तुत किया।


