रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने शिक्षा के साथ संस्कारों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने ग्रीनवुड स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तालीम तभी मुकम्मल होती है, जब उसमें तरबियत शामिल हो। सांसद नदवी ने स्कूल के अनुशासन और स्टाफ की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने छात्रों से कहा कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन में अनुशासन और सीखने की लगन बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने उस्ताद के सम्मान और निरंतर सीखने की कोशिश को सफलता की असली सीढ़ी बताया।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए सांसद ने सलाह दी कि बच्चों के सामने शिक्षकों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से बच्चों के मन से गुरु का सम्मान खत्म हो जाता है और वे ज्ञान के मूल भाव से दूर हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मां की गोद बच्चे की पहली पाठशाला होती है, इसलिए घर का माहौल भी शिक्षाप्रद होना चाहिए। अपने संबोधन में सांसद नदवी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन के शिक्षा दर्शन का उल्लेख किया और उनके मार्ग पर चलने की अपील की। कार्यक्रम के बाद सांसद नदवी ने मिलक क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने जसमोली में पूर्व प्रधान अहमद रजा खान के निधन पर शोक व्यक्त किया। धमोरा गांव में सड़क हादसे में मृत अमीर अहमद सैफी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। बहटरा गांव में भी दुर्घटना में मृत दान सिंह के परिवार को सांत्वना दी। सांसद ने पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया कि दुख की इस घड़ी में पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है और प्रशासन से हर संभव मदद दिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सामाजिक कार्यक्रमों और शादियों में भी शिरकत की।


