इस साल बारिश के दिनों में अतिवृष्टि से हुई जान माल की हानि की भरपाई को लेकर टोंक–सवाई माधोपुर सांसद हरीश चंद्र मीना ने संसद में विशेष पैकेज की मांग उठाई है। सांसद मीना ने अपने लोकसभा क्षेत्र टोंक–सवाई माधोपुर में मानसून के दौरान आई विनाशकारी बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर सांसद हरीश चन्द्र मीना ने लोकसभा में नियम 377 के तहत मुद्दा उठाया। बोले- किसान परिवारों को हुआ नुकसान सांसद ने कहा कि इस साल मानसून के दौरान हुई भारी वर्षा ने टोंक एवं सवाई माधोपुर जिलों में फसलों, लोगों, मवेशियों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे हजारों परिवारों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। सांसद मीना ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में घर ध्वस्त हो गए, किसानों की फसलें बह गईं, पुल-पुलियाएं क्षतिग्रस्त हुईं और बिजली-पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं बाधित हो गईं। उन्होंने संसद को अवगत करवाया है कि वे स्वयं प्रभावित गांवों का दौरा कर चुके हैं और जमीनी स्तर पर आमजन की पीड़ा और हुए नुकसान की भयावह स्थिति प्रत्यक्ष रूप से देख चुके हैं। आज भी अनेक परिवार पुनर्वास, राशन, दवाइयों और आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं। आर्थिक पैकेज की मांग की सांसद ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि टोंक एवं सवाई माधोपुर जिलों को विशेष रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए और तत्काल विशेष आर्थिक पैकेज जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पैकेज केवल राहत वितरण तक सीमित न रहकर कृषि क्षेत्र की पुनर्बहाली, क्षतिग्रस्त सड़कों, स्कूल भवनों एवं अस्पतालों के पुनर्निर्माण तथा ग्रामीण परिवारों की आजीविका पुनर्स्थापन के लिए पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करे। सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बाढ़ पीड़ित जनता को शीघ्र और प्रभावी सहायता पहुंचाने हेतु त्वरित निर्णय लिए जाएं,ताकि बाढ़ प्रभावित टोंक एवं सवाई माधोपुर जिले को फिर विकास की पटरी पर लाया जा सके। सांसद के निजी सचिव मोहम्मद असलम ने बताया कि सांसद ने पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं।


