“मैडम मैं वायु सेना का रिटायर इंजीनियर हूं। मेरी पत्नी को भाई नहीं था। मेरे ससुर अशोक कुमार सिंह भी वायु सेना में थे। सास कुसुम कुमारी शिक्षिका थी। उनके पाटीदार ने संपत्ति हड़पने के लिए साल 1993 में सास की अपहरण कर हत्या कर दी। सदमे के कारण उनके ससुर की भी मौत हो गई। साली को जिंदा जला दिया। हमें मारपीट कर अपाहिज बनाया, मेरी और संपत्ति की रक्षा करें।” ये कहना कल्याणपुर थाने के अकबरपुर गांव के सेना से रिटायर इंजीनियर अरुण देव सिंह और उनकी पत्नी सुमन सिंह का है । ये महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने गुहार लेकर पहुंचे। बुजुर्ग कहते है कि उन्होंने अब हमें अपाहिज बना दिया है। कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रशासनिक स्तर पर सहायता नहीं मिल रही है। पीड़ित की बात सुनने के बाद आयोग ने इस मामले में एसपी से पूरी घटना पर रिपोर्ट मांगी है। ताकि पीड़ित को न्याय दिलाया जा सके। चलने में परेशानी झेल रही सुमन ने बताया कि उनके पिता अशोक कुमार सिंह वायु सेना में थे। जबकि मां कुसुम कुमारी कल्याणपुर में सहायक शिक्षिका थी। हम तीन बहन ही हैं। कोई भाई नहीं है। जिस कारण गांव के करोड़ों की संपत्ति पिता के पाटीदार हड़पना चाहते हैं। तरह -तरह से माता पिता को परेशान किया गया। सुमन के पति वायु सेना से रिटायर इंजीनियर अरुण देव ने बताया कि मेरे ससुर के पाटीदार संपत्ति हड़पने की नीयत से साल1993 में साजिश के तहत उनकी सास कुसुम कुमारी का अपहरण कर हत्या कर दी। डर से उनके ससुर ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। पत्नी की मौत के सदमे के कारण साल 1996 में उनकी भी मौत हो गई। मंझली साली भी गांव में रहने को नहीं हुई तैयार रिटायर वायु सेना अधिकारी बताते हैं कि सास सरकारी शिक्षिका थी, जिस कारण उनकी छोटी साली सीमा सिंह को अनुकंपा के आधार पर शिक्षिका की नौकरी मिली। उनके पाटीदारों ने साजिश के तहत 2005 में सीमा को जिंदा जला दिया। इस दौरान वह अपने परिवार के साथ नौकरी पर बाहर थे। सीमा की मौत के बाद उनकी मंझली साली कंचन सिंह अब गांव में रहने को तैयार नहीं हुई। वह अपने ससुराल चली गई। हालांकि, बाद में उनकी भी मौत सदमे में हो गई। संपत्ति बचाने के लिए साल 2006 में वह रिटायर होने के बाद पत्नी के साथ अकबरपुर आये। इनके आने के साथ ही पटिदार साजिश के तहत अबतक 10 एसटीएससी का मुकदमा करा चुके हैं। सभी मामलों में वह बेल पर हैं। रिटायर सेना अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 7 मार्च को कोर्ट के कार्य से वह पत्नी के साथ निकले थे। इसी दौरान लोगों ने दंपत्ति पर हमला कराया। जिसमें दोनों अपाहिज हो गए हैं। इस मामले में पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है। न्याय के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। इंस्पेक्टर पर पीएम कार्यालय को गलत रिपोर्ट देने का आरोप रिटायर सेना अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी 2025 को उन्होंने अपने बगीचे में झंडोत्तोलन किया था। शाम में झंडा उतारते लेकिन इसी दौरान उनके झंडा व बांस को उखाड़ दिया गया। जब वह शिकायत लेकर थाना पहुंचे तो तत्कालीन थानाध्यक्ष ने सही से बात नहीं की। न ही कोई कार्रवाई की। जिसके बाद इस मामले को लेकर 28 जनवरी को उन्होने प्रधानमंत्री को पत्राचार किया। इस दौरान एसपी को भी पत्र लिखा कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीएम कार्यालय से जांच रिपोर्ट तलब किया गया। जिसके आधार पर सदर अंचल के इंस्पेक्टर जांच करने के लिए पहुंचे। लेकिन उन्होंने गलत रिपोर्ट दी। वह जांच रिपोर्ट में उनके घर 8 मार्च को पहुंचा। जबकि 7 मार्च को उनपर हुए हमले के कारण 8 मार्च को वह डीएमसीएच दरभंगा में भर्ती थे। बिना मुलाकात गलत रिपोर्ट देकर पीएम कार्यालय को गुमराह किया गया। इसके बारे में शिकायत की गई, तो लोकल थाना मारपीट के मामले में कार्रवाई नहीं कर रही। पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि बुजुर्ग दंपती की दलील सुनी गई है। घटना के बाद प्रशासनिक मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। दंपती को अगली तारीख 20 अप्रैल को महिला आयोग पटना बुलाया गया है। इस दौरान पूरी घटना पर समस्तीपुर एसपी से रिपोर्ट देने को कहा गया है। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होनें पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया है। “मैडम मैं वायु सेना का रिटायर इंजीनियर हूं। मेरी पत्नी को भाई नहीं था। मेरे ससुर अशोक कुमार सिंह भी वायु सेना में थे। सास कुसुम कुमारी शिक्षिका थी। उनके पाटीदार ने संपत्ति हड़पने के लिए साल 1993 में सास की अपहरण कर हत्या कर दी। सदमे के कारण उनके ससुर की भी मौत हो गई। साली को जिंदा जला दिया। हमें मारपीट कर अपाहिज बनाया, मेरी और संपत्ति की रक्षा करें।” ये कहना कल्याणपुर थाने के अकबरपुर गांव के सेना से रिटायर इंजीनियर अरुण देव सिंह और उनकी पत्नी सुमन सिंह का है । ये महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने गुहार लेकर पहुंचे। बुजुर्ग कहते है कि उन्होंने अब हमें अपाहिज बना दिया है। कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रशासनिक स्तर पर सहायता नहीं मिल रही है। पीड़ित की बात सुनने के बाद आयोग ने इस मामले में एसपी से पूरी घटना पर रिपोर्ट मांगी है। ताकि पीड़ित को न्याय दिलाया जा सके। चलने में परेशानी झेल रही सुमन ने बताया कि उनके पिता अशोक कुमार सिंह वायु सेना में थे। जबकि मां कुसुम कुमारी कल्याणपुर में सहायक शिक्षिका थी। हम तीन बहन ही हैं। कोई भाई नहीं है। जिस कारण गांव के करोड़ों की संपत्ति पिता के पाटीदार हड़पना चाहते हैं। तरह -तरह से माता पिता को परेशान किया गया। सुमन के पति वायु सेना से रिटायर इंजीनियर अरुण देव ने बताया कि मेरे ससुर के पाटीदार संपत्ति हड़पने की नीयत से साल1993 में साजिश के तहत उनकी सास कुसुम कुमारी का अपहरण कर हत्या कर दी। डर से उनके ससुर ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। पत्नी की मौत के सदमे के कारण साल 1996 में उनकी भी मौत हो गई। मंझली साली भी गांव में रहने को नहीं हुई तैयार रिटायर वायु सेना अधिकारी बताते हैं कि सास सरकारी शिक्षिका थी, जिस कारण उनकी छोटी साली सीमा सिंह को अनुकंपा के आधार पर शिक्षिका की नौकरी मिली। उनके पाटीदारों ने साजिश के तहत 2005 में सीमा को जिंदा जला दिया। इस दौरान वह अपने परिवार के साथ नौकरी पर बाहर थे। सीमा की मौत के बाद उनकी मंझली साली कंचन सिंह अब गांव में रहने को तैयार नहीं हुई। वह अपने ससुराल चली गई। हालांकि, बाद में उनकी भी मौत सदमे में हो गई। संपत्ति बचाने के लिए साल 2006 में वह रिटायर होने के बाद पत्नी के साथ अकबरपुर आये। इनके आने के साथ ही पटिदार साजिश के तहत अबतक 10 एसटीएससी का मुकदमा करा चुके हैं। सभी मामलों में वह बेल पर हैं। रिटायर सेना अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 7 मार्च को कोर्ट के कार्य से वह पत्नी के साथ निकले थे। इसी दौरान लोगों ने दंपत्ति पर हमला कराया। जिसमें दोनों अपाहिज हो गए हैं। इस मामले में पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है। न्याय के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। इंस्पेक्टर पर पीएम कार्यालय को गलत रिपोर्ट देने का आरोप रिटायर सेना अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी 2025 को उन्होंने अपने बगीचे में झंडोत्तोलन किया था। शाम में झंडा उतारते लेकिन इसी दौरान उनके झंडा व बांस को उखाड़ दिया गया। जब वह शिकायत लेकर थाना पहुंचे तो तत्कालीन थानाध्यक्ष ने सही से बात नहीं की। न ही कोई कार्रवाई की। जिसके बाद इस मामले को लेकर 28 जनवरी को उन्होने प्रधानमंत्री को पत्राचार किया। इस दौरान एसपी को भी पत्र लिखा कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीएम कार्यालय से जांच रिपोर्ट तलब किया गया। जिसके आधार पर सदर अंचल के इंस्पेक्टर जांच करने के लिए पहुंचे। लेकिन उन्होंने गलत रिपोर्ट दी। वह जांच रिपोर्ट में उनके घर 8 मार्च को पहुंचा। जबकि 7 मार्च को उनपर हुए हमले के कारण 8 मार्च को वह डीएमसीएच दरभंगा में भर्ती थे। बिना मुलाकात गलत रिपोर्ट देकर पीएम कार्यालय को गुमराह किया गया। इसके बारे में शिकायत की गई, तो लोकल थाना मारपीट के मामले में कार्रवाई नहीं कर रही। पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि बुजुर्ग दंपती की दलील सुनी गई है। घटना के बाद प्रशासनिक मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। दंपती को अगली तारीख 20 अप्रैल को महिला आयोग पटना बुलाया गया है। इस दौरान पूरी घटना पर समस्तीपुर एसपी से रिपोर्ट देने को कहा गया है। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होनें पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया है।


